सी.सी.एस.यू. मेरठ के रसायन विभाग में दीपावली समारोह: दीया मेकिंग एवं रंगोली प्रतियोगिता का भव्य आयोजन

By: प्रेरणा भारती

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सी.सी.एस.यू.), मेरठ के रसायन विज्ञान विभाग में दीपावली के पावन अवसर पर दीया मेकिंग और रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन हर्षोल्लास और उत्साह के साथ किया गया. यह कार्यक्रम न केवल छात्रों की रचनात्मकता को निखारने का माध्यम बना, बल्कि भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को जीवंत करने का भी एक उत्कृष्ट प्रयास साबित हुआ. विभाग के छात्र-छात्राओं ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया. कार्यक्रम में पारंपरिक दीयों की चमक और रंग-बिरंगी रंगोलियों ने पूरे विभाग को दीपावली के रंगों से सराबोर कर दिया.

कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष प्रोफेसर हरे कृष्ण के मार्गदर्शन में हुई. उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए दीपावली के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला. प्रो. हरे कृष्ण ने कहा कि दीपावली अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है और यह पर्व हमें पर्यावरण संरक्षण तथा स्वदेशी उत्पादों के उपयोग की प्रेरणा देता है. कार्यक्रम के संयोजक प्रो. आर. के. सोनी और डॉ. मुक्ती वर्मा ने आयोजन की रूपरेखा तैयार की. डॉ. मुक्ती वर्मा, जो रसायन विज्ञान की समन्वयक भी हैं, ने पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन किया. उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां विज्ञान के साथ कला को जोड़कर समग्र विकास सुनिश्चित करती हैं.

प्रतियोगिता में ज्यूरी सदस्य के रूप में डॉ. निखिल कुमार और डॉ. प्रियांका कक्कर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने प्रतिभागियों की कलाकृतियों का सूक्ष्मता से मूल्यांकन किया. डॉ. निखिल कुमार ने दीया मेकिंग में उपयोग की गई सामग्री की पर्यावरण अनुकूलता पर जोर दिया, जबकि डॉ. प्रियांका कक्कर ने रंगोली की डिजाइनों में निहित रचनात्मकता की सराहना की. ज्यूरी ने बताया कि छात्रों ने मिट्टी के दीयों को विभिन्न आकारों में ढालकर उन पर पारंपरिक पैटर्न उकेरे, जैसे कमल, स्वास्तिक और प्रकृति से प्रेरित डिजाइन. रंगोली प्रतियोगिता में फूलों की पंखुड़ियों, रंगीन चावल और प्राकृतिक रंगों का उपयोग कर छात्रों ने आकर्षक पैटर्न बनाए, जो दीपावली की थीम को जीवंत रूप दे रहे थे.

इस अवसर पर डॉ. मीनू तेवतिया और डॉ. मनीषा की विशेष उपस्थिति ने कार्यक्रम को और गरिमामय बनाया. डॉ. मीनू तेवतिया ने छात्रों से बातचीत में दीपावली को प्लास्टिक मुक्त और इको-फ्रेंडली मनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि रसायन विज्ञान के छात्र होने के नाते हमें केमिकल-फ्री रंगों और सामग्रियों का उपयोग करना चाहिए ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे. डॉ. मनीषा ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया और कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं टीम वर्क और इनोवेशन सिखाती हैं.

प्रतियोगिता में कुल 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. दीया मेकिंग में प्रथम पुरस्कार श्रेया गुप्ता को मिला, जिन्होंने सोलर थीम आधारित दीया बनाया. द्वितीय स्थान पर आदित्य शर्मा और तृतीय पर प्रिया सिंह रहीं. रंगोली प्रतियोगिता में रिया तोमर की रंगोली, जिसमें रामायण की थीम थी, को पहला स्थान मिला. विजेताओं को विभागाध्यक्ष प्रो. हरे कृष्ण और अन्य फैकल्टी सदस्यों ने पुरस्कार, प्रमाणपत्र और स्वदेशी उत्पादों की टोकरी भेंट की. सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार दिए गए ताकि उनका मनोबल बना रहे.

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दीपावली को सांस्कृतिक रूप से मनाना और छात्रों में रचनात्मकता जगाना था. डॉ. मुक्ती वर्मा ने बताया कि रसायन विभाग नियमित रूप से ऐसे आयोजन करता है ताकि छात्र किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर व्यावहारिक कौशल विकसित करें. छात्रों ने उत्साह से भाग लेते हुए विभाग को सजाया. एक छात्र ने कहा, “यहां दीया बनाते हुए हमें अपनी संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिला.” छात्रा ने रंगोली बनाते हुए पर्यावरण अनुकूल रंगों का उपयोग करने की बात कही.

अंत में सभी शिक्षकों और छात्रों ने एक-दूसरे को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. प्रो. आर. के. सोनी ने समापन भाषण में सभी को पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाने का संकल्प दिलाया. उन्होंने कहा कि पटाखों से बचें, स्वदेशी दीये जलाएं और प्रकृति का सम्मान करें. कार्यक्रम का समापन मिठाइयों के वितरण और सामूहिक फोटो सेशन से हुआ. यह आयोजन न केवल उत्सवपूर्ण रहा बल्कि छात्रों में सांस्कृतिक जागरूकता भी बढ़ाई. सी.सी.एस.यू. का रसायन विभाग ऐसे प्रयासों से छात्रों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करता रहेगा. इस तरह का आयोजन विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का उदाहरण है, जो युवाओं को परंपराओं से जोड़ता है.

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