By: The Trek News Desk
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अपनी किशोर बेटी किम जू-ए को उत्तराधिकारी के रूप में चुन लिया है. यह दावा दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय खुफिया सेवा (NIS) ने गुरुवार को सांसदों को दी गई जानकारी में किया.
खुफिया एजेंसी के अनुसार, हाल के महीनों में किम जू-ए की आधिकारिक कार्यक्रमों में बढ़ती उपस्थिति और भूमिका को देखते हुए यह आकलन किया गया है कि वह अब “उत्तराधिकारी नामांकन” के चरण में पहुंच चुकी हैं.
NIS ने बताया कि जू-ए को कोरियाई पीपुल्स आर्मी की वर्षगांठ, कुमसुसान पैलेस ऑफ द सन की यात्रा और अन्य प्रमुख आयोजनों में किम जोंग उन के साथ देखा गया है. कुछ मौकों पर उनके राज्य नीतियों पर राय देने के संकेत भी मिले हैं.
दक्षिण कोरियाई सांसद ली सियोंग-क्वेन ने मीडिया से कहा कि पहले जू-ए को “उत्तराधिकार के लिए प्रशिक्षित” किया जा रहा था, लेकिन अब उन्हें औपचारिक रूप से उत्तराधिकारी के रूप में तैयार किया जा रहा है.
NIS ने यह भी कहा कि वह इस महीने होने वाली वर्कर्स पार्टी कांग्रेस में जू-ए की संभावित उपस्थिति पर करीबी नजर रखेगी. यह सम्मेलन हर पांच साल में होता है और इसमें विदेश नीति, सैन्य रणनीति और परमाणु कार्यक्रम जैसी प्राथमिकताओं पर दिशा तय की जाती है.
किम जू-ए को किम जोंग उन और उनकी पत्नी री सोल-जू की इकलौती ज्ञात संतान माना जाता है. खुफिया एजेंसी का मानना है कि किम का एक बड़ा बेटा भी हो सकता है, लेकिन उसे कभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं लाया गया.

जू-ए पहली बार 2022 में राज्य टीवी पर दिखीं, जब वह अपने पिता के साथ एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) के निरीक्षण के दौरान नजर आईं. इसके बाद से वह अक्सर आधिकारिक तस्वीरों और कार्यक्रमों में दिखाई देती रही हैं.
उन्हें चीन में आयोजित बड़े सैन्य परेड में भी अपने पिता के साथ देखा गया था. उनकी पोशाक और हेयरस्टाइल को लेकर भी चर्चा होती रही है, क्योंकि वे देश के आम नागरिकों के लिए असामान्य मानी जाती हैं.
उत्तर कोरिया जैसे परंपरागत और पितृसत्तात्मक समाज में एक बेटी को उत्तराधिकारी चुनना कई विश्लेषकों के लिए आश्चर्यजनक है. हालांकि, किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग पहले से ही पार्टी में अहम भूमिका निभा रही हैं और शासन में प्रभावशाली मानी जाती हैं, जिससे महिला नेतृत्व की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता.
यह भी सवाल उठ रहे हैं कि अपेक्षाकृत युवा और स्वस्थ दिखने वाले किम जोंग उन ने इतनी कम उम्र में अपनी 13 वर्षीय बेटी को उत्तराधिकारी के रूप में क्यों आगे बढ़ाया. उत्तर कोरिया में सत्ता तीन पीढ़ियों से किम परिवार के भीतर ही हस्तांतरित होती रही है, और माना जा रहा है कि यह परंपरा जारी रह सकती है.

हालांकि, जू-ए के नेतृत्व से देश की नीतियों में क्या बदलाव आएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है. जब किम जोंग उन ने सत्ता संभाली थी, तब लोगों को उम्मीद थी कि वे पश्चिमी शिक्षा के प्रभाव से देश को अधिक खुला बनाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यदि किम जू-ए भविष्य में सत्ता संभालती हैं, तो वह उत्तर कोरिया की दिशा को किस ओर मोड़ेंगी.
Source: News Agencies
