सत्र 2026-27 से वियतनाम में एक सेमेस्टर पढेंगे सीसीएसयू के विद्यार्थी

By: प्रेरणा भारती

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) के छात्र अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया अनुभव हासिल करने जा रहे हैं. सत्र 2026-27 से विश्वविद्यालय के छात्र एक पूरा सेमेस्टर वियतनाम में पढ़ाई करने के लिए जाएंगे. यह सुविधा वियतनाम की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंस (UEF) और ह्यूटेक यूनिवर्सिटी, हो ची मिन्ह सिटी में उपलब्ध होगी.

विश्वविद्यालय ने वियतनाम के इन संस्थानों के साथ पहले ही एमओयू साइन किया हुआ है, जिसके तहत छात्र एक्सचेंज, फैकल्टी एक्सचेंज, संयुक्त शोध, परियोजना कार्य और डिसर्टेशन जैसी गतिविधियां संचालित होंगी. सोमवार को वियतनाम से आए प्रोफेसर माजो जार्ज (डीन, फैकल्टी ऑफ इकोनॉमिक्स, UEF एवं HUTECH) ने कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसले लिए गए.

प्रो. माजो जार्ज ने विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों जैसे सर छोटू राम इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस स्टडीज (SCRIET), अंग्रेजी विभाग, अर्थशास्त्र विभाग और रसायन विज्ञान विभाग का दौरा किया. उन्होंने छात्र-छात्राओं से बातचीत की और उनके सवालों के जवाब दिए.

बैठक में ड्यूल डिग्री कार्यक्रम को जल्द शुरू करने, दोनों विश्वविद्यालयों के संकाय सदस्यों के बीच शिक्षण-शोध मार्गदर्शन, संयुक्त संगोष्ठी/सम्मेलन आयोजन और अनुसंधान गतिविधियों में सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी.

स्नातक, स्नातकोत्तर और शोधार्थी छात्र वियतनाम में एक सेमेस्टर की पढ़ाई, परियोजना कार्य और शोध प्रबंध (डिसर्टेशन) कर सकेंगे. पीएचडी छात्र वहां शोध पद्धति पाठ्यक्रम और 08 क्रेडिट तक का अध्ययन कर सकेंगे, जिसे क्रेडिट ट्रांसफर किया जाएगा. इससे छात्रों को वैश्विक शैक्षणिक अनुभव मिलेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी क्षमता बढ़ेगी.

बैठक में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के अलावा प्रो. आर.के. सोनी (प्रोफेसर-इन-चार्ज, SCRIET), प्रो. बीर पाल सिंह (निदेशक, अनुसंधान एवं विकास), प्रो. अतवीर सिंह (निदेशक, IBS), प्रो. रविन्द्र कुमार (विभागाध्यक्ष, अंग्रेजी), प्रो. बिंदु शर्मा (विभागाध्यक्ष, जूलॉजी), प्रो. जितेन्द्र सिंह (उप निदेशक, अनुसंधान एवं विकास), प्रो. रवेंद्र कुमार शर्मा (अर्थशास्त्र विभाग), प्रो. नीरज सिंघल (निदेशक, SCRIET) और डॉ. अंशु चौधरी (जूलॉजी विभाग) सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे.

यह कदम सीसीएसयू की अंतरराष्ट्रीय सहयोग नीति 2025 के अनुरूप है, जिसके तहत छात्रों को वैश्विक एक्सपोज़र देने पर ज़ोर दिया जा रहा है.

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *