By: The Trek News Desk
संसद का शीतकालीन सत्र इस साल 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक आयोजित होगा, यह ऐलान संसद कार्य मामलों के मंत्री किरण रिजिजु ने किया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. रिजिजु ने अपने आधिकारिक संदेश में लिखा, “हम एक रचनात्मक और सार्थक सत्र की उम्मीद कर रहे हैं, जो हमारी लोकतांत्रिक प्रणाली को मजबूत करे और जनता की आकांक्षाओं की सेवा करे.”
सत्र के प्रमुख मुद्दे
इस बार का शीतकालीन सत्र बिहार विधानसभा चुनावों के तुरंत बाद आयोजित होने वाला है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष सरकार पर वोटर सूची में संशोधन और कथित वोटर धोखाधड़ी को लेकर हमला करने की तैयारी कर रहा है.
सत्र में विशेष गहन संशोधन (SIR) योजना के दूसरे चरण पर भी बहस होने की संभावना है. पहला चरण बिहार में संपन्न हो चुका है, जबकि हरियाणा और महाराष्ट्र में कथित वोटर फर्जीवाड़े के मामले सत्र की गर्मागर्मी बढ़ा सकते हैं.
पिछले सत्र की झलक
पिछला संसद सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चला था, जिसमें कुल 32 दिनों में 21 बैठकें हुई थीं. इस दौरान दोनों सदनों ने 15 बिल पास किए थे.
इस सत्र में संभावित बिल
इस शीतकालीन सत्र में कुछ महत्वपूर्ण विधेयक चर्चा के लिए पेश किए जा सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:
- संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) बिल, 2025
- केंद्र शासित प्रदेशों (संशोधन) बिल, 2025
- जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) बिल, 2025
विशेषज्ञ मानते हैं कि बिहार चुनावों के बाद सत्र में राजनीतिक बहसें और तल्ख होती दिख सकती हैं, जिससे विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है.
Source: News Agencies
