By: The Trek News Desk
ईरान में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने शुक्रवार को सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इस्लामिक गणराज्य “तोड़फोड़ करने वालों” और “विदेशी ताकतों के एजेंटों” के सामने पीछे हटने वाला नहीं है. सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में उन्होंने प्रदर्शनकारियों को “उपद्रवी” करार दिया और अमेरिका पर ईरान में अशांति फैलाने का आरोप लगाया.
लगभग दो हफ्ते से जारी प्रदर्शनों पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए खामेनेई ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के “हाथ ईरानियों के खून से सने हैं”. उन्होंने दावा किया कि जिस तरह 1979 की क्रांति में ईरान की शाही सत्ता का अंत हुआ था, उसी तरह “अहंकारी ताकतों” का भी पतन तय है.
यह बयान ऐसे समय आया है जब देश के कई हिस्सों में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद होने के बावजूद लोग सड़कों पर उतरते रहे. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में तेहरान समेत कई शहरों में लोग अलाव के आसपास नारे लगाते और सरकार विरोधी प्रदर्शन करते नज़र आए.
सरकारी मीडिया ने लंबे समय बाद प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका और इसराइल से जुड़े “आतंकी तत्वों” ने आगजनी और हिंसा को बढ़ावा दिया. हालांकि, हताहतों की संख्या को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई.
संचार सेवाओं पर रोक के कारण विरोध प्रदर्शनों की वास्तविक व्यापकता का अंदाज़ा करना मुश्किल है, लेकिन यह आंदोलन दिसंबर के अंत में शुरू हुए आर्थिक असंतोष के बाद से लगातार तेज़ होता गया है और हाल के वर्षों में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है.
शाह के बेटे की अपील, और तेज़ हो सकते हैं प्रदर्शन
ईरान के निर्वासित पूर्व शाह के बेटे रज़ा पहलवी ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की. उन्होंने कहा कि “दुनिया की नज़रें ईरानी जनता पर हैं.” कुछ प्रदर्शनों में शाह के समर्थन में नारे भी लगे, जो यह दिखाते हैं कि जनता के गुस्से की तीव्रता किस स्तर तक पहुंच चुकी है.
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, अब तक प्रदर्शनों से जुड़ी हिंसा में कम से कम 42 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,270 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है. इंटरनेट निगरानी समूहों का कहना है कि सरकार ने व्यापक विरोध को दबाने के लिए देशभर में संचार सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी हैं.
वीडियो फुटेज में तेहरान की प्रमुख सड़कों के साथ-साथ तबरीज़, मशहद, केरमानशाह और इस्फ़हान जैसे शहरों में भी भारी भीड़ और सरकारी इमारतों के पास आगजनी के दृश्य देखे गए.
Source: News Agencies
