By: The Trek News Desk
यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में रूसी ड्रोन हमले में कम से कम 12 खनिकों की मौत हो गई है. यह जानकारी देश की सबसे बड़ी निजी ऊर्जा कंपनी DTEK ने दी है. कंपनी के अनुसार, यह हमला ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में उस बस पर किया गया, जिसमें खनिक अपनी ड्यूटी पूरी कर लौट रहे थे.
आपातकालीन सेवाओं के मुताबिक, इस हमले में कम से कम 15 लोग घायल भी हुए हैं. पहले मृतकों की संख्या 15 बताई गई थी, लेकिन बाद में इसे संशोधित कर 12 कर दिया गया.
इसी दौरान, यूक्रेन के ज़ापोरिज़्ज़िया शहर में एक रूसी ड्रोन ने मातृत्व अस्पताल को निशाना बनाया. इस हमले में छह लोग घायल हुए, जिनमें दो महिलाएं ऐसी थीं जो हमले के वक्त बच्चे को जन्म दे रही थीं
ज़ापोरिज़्ज़िया के क्षेत्रीय प्रमुख इवान फेदोरोव ने इसे “जीवन के खिलाफ छेड़ा गया युद्ध” बताया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में अस्पताल की टूटी खिड़कियां, जले हुए कमरे और मलबे से भरे वार्ड दिखाई दिए. कुछ फुटेज में आग बुझाने की कोशिश करते दमकलकर्मी और मरीज़ों को सुरक्षित बाहर ले जाते हुए भी देखा गया.
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा ने कहा कि यह हमला साफ दिखाता है कि रूस आम नागरिकों को निशाना बना रहा है, जो शांति प्रयासों के पूरी तरह खिलाफ है.
अलग-अलग रूसी हमलों में ड्नीप्रो शहर में एक पुरुष और एक महिला की मौत हो गई, जबकि निकोपोल में 72 वर्षीय व्यक्ति घायल हुआ. इसके अलावा, खेरसॉन में गोलाबारी से 59 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हुई और खारकीव में हुए हमले में तीन अन्य लोग जख्मी हुए हैं.
जनवरी महीने में रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमले किए, जिससे लाखों लोग कड़ाके की ठंड में बिजली और हीटिंग से वंचित हो गए. कई इलाकों में तापमान -20 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने की आशंका जताई गई है.
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सर्दियों के दौरान हमले रोकने पर सहमति दी है, लेकिन क्रेमलिन के अनुसार यह अस्थायी रोक रविवार को ख़त्म हो गई.
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने जानकारी दी कि रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने को लेकर होने वाली त्रिपक्षीय वार्ता अब बुधवार को होगी. यह बैठक अबू धाबी में रूस, यूक्रेन और अमेरिका के अधिकारियों के बीच होगी.
गौरतलब है कि रूस फिलहाल यूक्रेन के लगभग 20 प्रतिशत हिस्से पर कब्ज़ा किए हुए है, जिसमें पूर्वी डोनबास क्षेत्र का बड़ा हिस्सा शामिल है. शांति वार्ता में सबसे बड़ा विवादित मुद्दा क्षेत्रीय नियंत्रण को लेकर बना हुआ है.
Source: News Agencies
