यूक्रेन ने ड्रोन हमले में ब्लैक सी में मौजूद रूस के ‘शैडो फ्लीट’ टैंकरों को बनाया निशाना

By: The Trek News Desk

यूक्रेन ने काला सागर में रूस की तथाकथित “शैडो फ्लीट” के दो तेल टैंकरों पर नेवल ड्रोन से हमला कर तनाव और बढ़ा दिया है. यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन सीधे जहाज़ों से टकराए और विस्फोट के बाद आग के गुबार में बदल गए.

तुर्की अधिकारियों ने इन जहाज़ों की पहचान काइरोस (Kairos) और वीरत (Virat) के रूप में की है, दोनों गाम्बिया के झंडे के तहत पंजीकृत हैं. शुक्रवार को तुर्की तट के पास दोनों टैंकरों पर हमला हुआ, जबकि वीरत को शनिवार को एक और वार झेलना पड़ा. सौभाग्य से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.

रूस की तेल आय पर चोट करने की रणनीति

विश्लेषकों का कहना है कि यह हमला यूक्रेन द्वारा रूस की तेल से होने वाली आमदनी को लक्ष्य बनाने की नई कोशिश है, वह आय, जो रूस के युद्ध अभियानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है.
दोनों जहाज़ उन टैंकरों की लंबी सूची में शामिल बताए गए हैं, जिन्हें पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल किया जाता है और आमतौर पर पुरानी उम्र के, अस्पष्ट मालिकाना हक वाले या संदिग्ध बीमा वाले जहाज़ होते हैं.

काइरोस पर दक्षिण-पश्चिम काला सागर क्षेत्र में वार किया गया, जबकि वीरत को और अधिक पूर्व के क्षेत्र में निशाना बनाया गया. लंदन स्टॉक एक्सचेंज के डेटा के अनुसार, दोनों प्रतिबंधित जहाज़ों की सूची में हैं.

यूक्रेन ने इन हमलों के लिए सी बेबी (Sea Baby) नामक स्पेशल नेवल ड्रोन का इस्तेमाल किया, ये ड्रोन यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी SBU द्वारा विकसित किए जाते हैं.

तुर्की ने आग बुझाने में जहाज़ों की मदद की और काइरोस पर लगी आग को रोकने की कोशिश करती अपनी नौकाओं के वीडियो भी जारी किए.

काले सागर में जहाज़ों के लिए चेतावनी

इन घटनाओं को लेकर विशेषज्ञ मानते हैं कि यह यूक्रेन की एक खुली चेतावनी है, कि अब काला सागर में रूसी तेल ले जाने वाले जहाज़ सिर्फ पश्चिमी प्रतिबंधों से नहीं, बल्कि वास्तविक सैन्य हमलों से भी खतरे में पड़ सकते हैं.

उधर, कैस्पियन क्षेत्र से तेल ले जाने वाले एक बड़े कंसोर्टियम ने बताया कि रूस के नोवोरोसिस्क बंदरगाह पर एक रात के ड्रोन हमले से उसके एक मूरिंग पॉइंट को भारी नुकसान हुआ, जिसके बाद उन्होंने लोडिंग अस्थायी रूप से रोक दी है.
कंसोर्टियम में रूस और कज़ाखस्तान प्रमुख हिस्सेदार हैं, जबकि एक्सॉन मोबिल, शेवरॉन और शेल जैसी पश्चिमी कंपनियों की भी भागीदारी है.

कज़ाखस्तान के विदेश मंत्री ऐबेक स्मादियारोव ने इस हमले पर नाराज़गी जताई और कहा कि यह ऐसी तीसरी घटना है. उन्होंने कहा कि उनके देश के लिए स्थिर और सुचारू ऊर्जा आपूर्ति बेहद अहम है, और इस हमले ने कीव के साथ द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुँचाया है. उन्होंने यूक्रेन से इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की.

यूक्रेन–अमेरिका वार्ता पर भी नया मोड़

इसी बीच, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की ने बताया कि शीर्ष सुरक्षा अधिकारी रुस्तम उमेरोव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका भेजा जा रहा है, ताकि युद्ध समाप्ति समझौते पर बातचीत जारी रखी जा सके.
उमेरोव यह दायित्व उस समय संभाल रहे हैं जब पिछले मुख्य वार्ताकार आंद्रिय येरमाक के घर पर भ्रष्टाचार जांच के दौरान तलाशी की गई और उसके तुरंत बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया.

यूक्रेनी टीम रविवार को फ्लोरिडा में अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात करेगी, जबकि ट्रंप प्रशासन के विदेश दूत स्टीव विटकॉफ़ अगले हफ्ते मास्को में बातचीत करेंगे.

Source: News Agencies

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