यूक्रेन ने ट्रंप-ज़ेलेंस्की बैठक की मांग की, इस हफ्ते हो सकती है अमेरिका यात्रा

By: The Trek News Desk

यूक्रेन के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख ने संकेत दिया है कि राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की जल्द से जल्द नवंबर में अमेरिका की यात्रा कर सकते हैं, जहाँ उनका उद्देश्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ शांति वार्ता को अंतिम रूप देना होगा.

इस बीच एक अमेरिकी अधिकारी ने मीडिया को बताया कि यूक्रेन ने “शांति समझौते पर सहमति दे दी है”, हालांकि कुछ “छोटी-छोटी बातों पर बातचीत जारी है.”
फिलहाल न तो कीव ने आधिकारिक बयान दिया है और न ही व्हाइट हाउस ने ट्रंप-ज़ेलेंस्की मुलाकात की पुष्टि की है.

अमेरिका और रूस के बीच अबू धाबी में बैठक की तैयारी

वॉशिंगटन ने पुष्टि की है कि उसके अधिकारी जल्द ही अबू धाबी में रूसी प्रतिनिधिमंडल से मिलेंगे, ताकि प्रस्तावित शांति योजना पर आगे चर्चा की जा सके.
इसी बीच, मोर्चे पर लड़ाई जारी है और दोनों देशों ने रातभर एक-दूसरे पर ड्रोन और मिसाइल हमलों का आदान-प्रदान किया.

रातभर हमलों में दोनों पक्षों में हताहत

कीव प्रशासन ने बताया कि रूसी हमलों में कम से कम छह लोगों की मौत हुई, जबकि रूस के रोस्तोव क्षेत्र में यूक्रेनी हमले में तीन लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई.

कीव में दो ऊँची इमारतों में आग लगने के बाद कई परिवारों को निकाला गया. आपातकालीन सेवाओं ने 18 लोगों को बचाया, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल थे. यूक्रेन की ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि देश के ऊर्जा ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमला हुआ.

यूक्रेन के अनुसार, रात में 22 मिसाइलें और 460 से अधिक ड्रोन दागे गए.

नाटो ने रोमानिया के ऊपर अपने चार लड़ाकू विमान तैनात किए, जबकि छह रूसी ड्रोन मोल्दोवा में भी पकड़े गए.

रूस ने दावा किया कि उसने रातभर में 249 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए, जिनमें ब्लैक सी और कुर्स्क क्षेत्र के ऊपर उड़ रहे ड्रोन भी शामिल हैं.

यूक्रेन-समर्थक यूरोपीय गठबंधन की वर्चुअल बैठक

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने बताया कि यूक्रेन के समर्थन में बनी यूरोपीय देशों की “कोएलिशन ऑफ द विलिंग” ने भी मंगलवार को बैठक बुलाई है.
ये नेता शांति वार्ता की प्रगति और सुरक्षा मुद्दों पर आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं.

शांति योजना पर बदलते रुख: यूरोप की कड़ी प्रतिक्रिया, यूक्रेन की नई सहमति

पुरानी अमेरिकी योजना के ड्राफ्ट को यूरोपीय देशों और कीव ने “रूस के पक्ष में झुका हुआ” बताया था.
इसका विरोध करने वाले देशों, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने संशोधित प्रस्ताव तैयार किया, जिसमें:

  • रूस द्वारा कब्ज़ाए गए क्षेत्रों को मान्यता देने से इनकार
  • यूक्रेन की सेना के आकार में वृद्धि की अनुमति
  • नाटो सदस्यता का विकल्प खुला रखने का सुझाव

ज़ेलेंस्की ने नए बदलावों का स्वागत किया और कहा, “अब युद्ध समाप्त करने के लिए आवश्यक कदम वास्तविक और व्यावहारिक हो गए हैं.”

रूस ने संशोधित प्रस्ताव को खारिज किया

क्रेमलिन ने संशोधन को “अव्यवहारिक” बताते हुए खारिज किया. रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि मॉस्को को अभी तक इस संशोधित प्रस्ताव की “अंतरिम प्रति” नहीं मिली है, लेकिन योजना को अगस्त में ट्रंप और पुतिन के बीच हुई अलास्का वार्ता की “भावना और शर्तों” को दर्शाना चाहिए.

मुख्य विवाद: रूस की क्षेत्रीय मांगें

रूस लगातार मांग करता रहा है कि यूक्रेन:

  • पूरे डोनबास क्षेत्र (डोनेत्स्क + लुहांस्क) से अपनी सेना हटाए
  • क्राइमिया, खेरसॉन और ज़ापोरिज़्ज़िया पर रूसी नियंत्रण को स्वीकार करे

ज़ेलेंस्की ने कहा कि क्षेत्रीय मान्यता की मांग ही “सबसे बड़ी बाधा” है.

यूरोपीय संघ की चेतावनी: ‘व्यवसाय सामान्य नहीं हो सकता’

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कैलास ने कहा कि अंतिम शांति योजना ऐसी होनी चाहिए कि “रूस दोबारा हमला न कर सके.”
उन्होंने कहा कि रूस को “किसी भी स्थिति में G8 में वापस शामिल नहीं किया जा सकता.”

युद्ध का मानवीय संकट

फरवरी 2022 में रूसी आक्रमण की शुरुआत के बाद से:

  • दसियों हजार सैनिक मारे गए या घायल हुए
  • हजारों नागरिक हताहत हुए
  • लाखों लोग अपने घर छोड़े

यूक्रेन और रूस दोनों अब दबाव में हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय युद्ध समाप्त करने की सबसे गंभीर कूटनीतिक कोशिश कर रहा है.

Source: News Agencies

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