By: The Trek News Desk
पीएनबी घोटाले के आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को बेल्जियम की अदालत से करारा झटका लगा है. चोकसी ने प्रत्यर्पण के खिलाफ कई संवैधानिक और मानवीय आधारों पर दलीलें पेश की थीं, लेकिन एंटवर्प की कोर्ट ने उन्हें “अप्रासंगिक” करार देते हुए खारिज कर दिया. अब चोकसी को बेल्जियम की सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए 15 दिन का समय मिला है.
CBI के अनुरोध पर हुई गिरफ्तारी
मेहुल चोकसी को 11 अप्रैल को बेल्जियम के एंटवर्प शहर में भारतीय केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से किए गए प्रत्यर्पण अनुरोध के आधार पर गिरफ्तार किया गया था. फिलहाल वह एंटवर्प की एक जेल में बंद है.
अदालत ने खारिज की “राजनीतिक मुकदमे” की दलील
चोकसी ने कोर्ट में दावा किया कि भारत में उसका मुकदमा निष्पक्ष नहीं होगा और यह एक “राजनीतिक मुकदमा” है. उसने यूरोपियन कन्वेंशन ऑन ह्यूमन राइट्स (ECHR) के अनुच्छेद 6, यानी निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन होने की आशंका जताई.
हालांकि, कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, “चोकसी ने भारत की न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए, लेकिन ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं दिया जिससे यह निष्कर्ष निकाला जा सके कि भारत में उसे निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिलेगी.”
अदालत ने यह भी जोड़ा कि “उसका यह दावा कि वह राजनीतिक कारणों से मुकदमे का सामना कर रहा है, किसी भी स्तर पर विश्वसनीय नहीं है.”
कोर्ट ने प्रत्यर्पण से रोकने के सभी आधारों को किया खारिज
कोर्ट ने कहा कि जिन अपराधों का चोकसी पर आरोप है, वे न तो राजनीतिक हैं, न सैन्य और न ही कर से जुड़े अपराध, जिन पर अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत प्रत्यर्पण से छूट मिलती है.
कोर्ट ने यह भी साफ किया कि चोकसी का मामला नस्ल, धर्म, राष्ट्रीयता या राजनीतिक विचारधारा के आधार पर मुकदमा चलाने जैसा नहीं है.

स्वास्थ्य संबंधी आपत्तियों को भी ठुकराया
चोकसी ने दावा किया कि भारत की जेलों में उसकी शारीरिक और मानसिक हालत के लिए पर्याप्त इलाज संभव नहीं है, लेकिन कोर्ट ने इस दावे को बिना किसी ठोस प्रमाण के मानने से इनकार कर दिया.
भारत सरकार ने दिए थे आश्वासन
17 अक्टूबर को जारी आदेश से पहले भारत सरकार ने 17 सितंबर को बेल्जियम सरकार को एक आश्वासन पत्र भेजा था. इसमें कहा गया था कि अगर चोकसी को भारत लाया गया, तो उसे किन परिस्थितियों में रखा जाएगा और उसकी सुरक्षा और स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जाएगा.
PNB घोटाले में है मुख्य आरोपी
मेहुल चोकसी और उसके भतीजे नीरव मोदी पर 13,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले में शामिल होने का आरोप है. दोनों ने कथित तौर पर बैंक के मुंबई ब्रैडी हाउस ब्रांच के अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग जारी कर बैंक से अवैध रूप से ऋण प्राप्त किए थे.
क्या होगा अगला कदम?
अब चोकसी के पास बेल्जियम की सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का विकल्प बचा है. अगर वहां से भी उसे राहत नहीं मिलती, तो भारत में उसका प्रत्यर्पण लगभग तय माना जा रहा है.
Source: News Agencies
