मेरठ में बेटियों को निःशुल्क लोक कला प्रशिक्षण देकर सशक्त बना रही हैं प्रो. अलका तिवारी

By: प्रेरणा भारती

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान में बेटियों और युवाओं के लिए चल रहा निःशुल्क लोक कला प्रशिक्षण कार्यक्रम जोरों पर है. शुक्रवार को मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज, भैंसी की छात्राओं को मधुबनी, वर्ली और रंगोली जैसी पारंपरिक भारतीय लोक कलाओं का प्रशिक्षण दिया गया.

प्रसिद्ध लोक कलाकार और प्रशिक्षक प्रो. अलका तिवारी के नेतृत्व में चल रहे इस कार्यक्रम में बालिकाओं को पारंपरिक लोक चित्रकला, शिल्प एवं हस्तकला, सजावटी कला तथा रचनात्मक अभिव्यक्ति का व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है. छात्राओं ने फूलदान, कैनवस पेंटिंग और कपड़े पर बेहद खूबसूरत मधुबनी, वर्ली और रंगोली कला के रूप उकेरे, जिनकी प्रशिक्षण के अंत में लगाई गई प्रदर्शनी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी. उपस्थित लोगों ने छात्राओं की कलाकृतियों की जमकर सराहना की.

प्रो. अलका तिवारी ने कहा, “लोक कला का संरक्षण आज की पीढ़ी के बिना संभव नहीं है. यह प्रशिक्षण बेटियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और कौशल विकसित करता है तथा उन्हें कला के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान करता है. हमारा लक्ष्य है कि अधिक से अधिक बेटियाँ इस कला से जुड़कर स्वावलंबी बनें.”

अब तक सैकड़ों बालिकाओं को प्रो. तिवारी द्वारा भारतीय लोक कला का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा चुका है और भविष्य में भी यह सिलसिला जारी रहेगा.

आज के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कला प्रवक्ता सुश्री दीप दीपांजलि और शिल्पी शर्मा ने किया.

ललित कला संस्थान की इस पहल को शिक्षाविदों और कला प्रेमियों ने सराहा है और इसे भारतीय लोक कलाओं के संरक्षण व बेटियों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है.

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