By: प्रेरणा भारती
“स्वच्छता ही सेवा” का नारा अब सिर्फ दीवारों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर साकार हो रहा है. ज्योत्स्ना जैन द्वारा स्थापित राष्ट्रीय एनजीओ बेटियां फाउंडेशन ने मेरठ के इस्माइल गर्ल्स नेशनल इंटर कॉलेज, शास्त्री नगर में एक सराहनीय पहल की है.
फाउंडेशन की डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट राधिका अत्रि की अध्यक्षता में चलाए गए “डिब्बा हटाओ – स्वच्छता लाओ अभियान” के तहत स्कूल परिसर में चार आधुनिक कमोड और शॉवर स्थापित किए गए. यह कदम न केवल छात्राओं की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करेगा, बल्कि स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को भी बढ़ावा देगा.कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालय में स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करना था, खासकर लड़कियों के लिए.
कई सरकारी और निजी स्कूलों में आज भी पुरानी व्यवस्थाएं हैं, जहां डिब्बा प्रणाली प्रचलित है, जो न सिर्फ अस्वच्छ है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए जोखिम भी पैदा करती है. बेटियां फाउंडेशन ने इसी समस्या को जड़ से खत्म करने की ठानी और मेरठ के इस प्रतिष्ठित स्कूल को चुना.

राधिका अत्रि ने बताया, “हमारी बेटियां देश का भविष्य हैं. अगर स्कूल में ही उन्हें स्वच्छ शौचालय और स्नान की सुविधा नहीं मिलेगी, तो उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा. यह अभियान उसी दिशा में एक ठोस कदम है.”इस पहल में देहरादून की टीम का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा.
डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट गीता सिंह, डिस्ट्रिक्ट वाइस प्रेसिडेंट नीना गुप्ता और वाइस एडवाइजर रितु अग्रवाल ने न केवल आर्थिक और तकनीकी सहयोग दिया, बल्कि कार्यक्रम के आयोजन में भी सक्रिय भूमिका निभाई. गीता सिंह ने कहा, “स्वच्छता एक सामूहिक जिम्मेदारी है. हमारा प्रयास है कि हर स्कूल में बेटियों को गरिमामय सुविधाएं मिलें.”
नीना गुप्ता ने स्थानीय स्तर पर संसाधन जुटाने में मदद की, जबकि रितु अग्रवाल ने अभियान की रूपरेखा तैयार करने में अहम भूमिका निभाई.कार्यक्रम के दौरान छात्राओं और शिक्षकों ने भी उत्साह दिखाया. स्कूल की प्रधानाचार्या ने फाउंडेशन को धन्यवाद देते हुए कहा, “यह सुविधा लंबे समय से जरूरी थी. अब लड़कियां बिना किसी संकोच के स्कूल आएंगी और अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे पाएंगी.”
अभियान के तहत न केवल कमोड और शॉवर लगाए गए, बल्कि स्वच्छता के महत्व पर जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया. छात्राओं को सैनिटरी नैपकिन के उपयोग, हाथ धोने की आदत और स्वच्छ शौचालय के रखरखाव की जानकारी दी गई.
बेटियां फाउंडेशन की यह मुहिम स्वच्छ भारत मिशन के साथ पूरी तरह से संनादति है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को साकार करते हुए फाउंडेशन देशभर में ऐसे अभियान चला रही है. मेरठ में यह पहला कदम है, लेकिन संगठन की योजना अगले चरण में और स्कूलों को शामिल करने की है.

राधिका अत्रि ने बताया कि जल्द ही शहर के अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी इसी तरह की सुविधाएं विकसित की जाएंगी. यह पहल समाज को एक बड़ा संदेश देती है – स्वच्छता कोई वैकल्पिक कार्य नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न अंग है. खासकर बेटियों के लिए स्वच्छ वातावरण उनकी शिक्षा, आत्मविश्वास और स्वास्थ्य का आधार है.
बेटियां फाउंडेशन की इस मुहिम से न केवल मेरठ, बल्कि पूरे उत्तर भारत में स्वच्छता के प्रति एक नई चेतना जागृत हो रही है. सैकड़ों छात्राएं अब बेहतर सुविधाओं के साथ पढ़ाई कर सकेंगी और समाज को स्वच्छता का संदेश फैलाएंगी.
