By: प्रेरणा भारती
मेरठ कॉलेज मेरठ के विधि विभाग में आज दिनांक 11 नवंबर 2025 को दोपहर 12 बजे राष्ट्रीय शिक्षा दिवस बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया. कार्यक्रम में देश के प्रथम शिक्षा मंत्री और महान शिक्षाविद् मौलाना अबुल कलाम आज़ाद को याद किया गया.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध कवि, लेखक, उपन्यासकार एवं प्रोफेसर विकास शर्मा ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से समारोह की शोभा बढ़ाई. कार्यक्रम की अध्यक्षता विधि संकाय प्रमुख प्रोफेसर कामेश्वर प्रसाद पांडे ने की.
इस अवसर पर प्रोफेसर प्रवीण दुब्लिश, प्रोफेसर हरिशंकर राय, प्रोफेसर एमपी वर्मा, प्रोफेसर अनुराग सिंह, प्रोफेसर द्वारिका प्रसाद, डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. जितेंद्र सिंह यादव, डॉ. सुमन चौहान, डॉ. सीमा रानी, डॉ. हितेश कुमार सहित विभाग के अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे.
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. विकास शर्मा, प्रो. कामेश्वर प्रसाद पांडे एवं अन्य शिक्षकों द्वारा मौलाना अबुल कलाम आज़ाद को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया.
प्रो. कामेश्वर प्रसाद पांडे ने मौलाना अबुल कलाम आज़ाद का संक्षिप्त परिचय देते हुए उनके शिक्षा क्षेत्र में योगदान पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि किस प्रकार आज़ाद ने शिक्षा को धर्मनिरपेक्ष स्वरूप प्रदान किया और भारत की आधुनिक शिक्षा प्रणाली की नींव रखी.

प्रो. प्रवीण दुब्लिश ने भी मौलाना आज़ाद के विचारों पर अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि शिक्षा समाज परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है.
मुख्य अतिथि प्रो. विकास शर्मा ने लेखक की चुनौतियों पर गहन चर्चा की. उन्होंने बताया कि एक लेखक को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक दबावों का सामना करना पड़ता है, जिसे आम जनता शायद ही समझ पाती हो. उन्होंने अपनी रचनाओं का जिक्र करते हुए अपने प्रथम हिंदी उपन्यास राह के पत्थर, अंग्रेजी उपन्यास Love is not Time Fool, तथा अन्य कृतियों जैसे IAS Today, 498A, Honey Trap, Hall for People और Coming Soon: A Media Regulation 2030 के बारे में विस्तार से बताया. साथ ही, मौलाना आज़ाद के शिक्षा संबंधी विचारों को अपनी रचनाओं से जोड़कर समझाया.
कार्यक्रम का संचालन डॉ. कौशल प्रताप सिंह ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अशोक शर्मा ने किया.
यह आयोजन शिक्षा के प्रति जागरूकता और मौलाना आज़ाद के आदर्शों को जीवंत करने में पूर्णतः सफल रहा.
Source: News Agencies
