By: प्रेरणा भारती
ज्ञान परंपरा है भारतीय संस्कृति का आधार: श्रीमती राजबाला गुप्ता
मेरठ कॉलेज, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक है, हाल ही में एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बना, माँ सरस्वती देवी की प्रतिमा का उद्घाटन. यह उद्घाटन स्वर्गीय सेठ दयानंद गुप्ता की धर्मपत्नी श्रीमती राजबाला गुप्ता के कर कमलों के द्वारा किया गया. डॉ ओम प्रकाश अग्रवाल एवं श्री अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि ज्ञान, कला और बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना से कॉलेज परिसर में भक्ति, संस्कृति और शिक्षा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा.
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री विवेक कुमार गर्ग एवं श्री युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चार और हवन के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को पवित्र और प्रेरणादायक बना दिया. हंस पर विराजमान, वीणा वादिनी माँ सरस्वती की सुंदर प्रतिमा का अनावरण श्रीमती राजबाला गुप्ता, डॉक्टर ओपी अग्रवाल, श्री विवेक गर्ग, श्री जयवीर सिंह, श्री संजीवेश्वर आदि के साथ कॉलेज के प्राचार्य और वरिष्ठ प्राध्यापकों द्वारा किया गया. इस अवसर पर श्रीमती राजबाला गुप्ता ने कहा कि यह स्थापना केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि ज्ञान, संस्कार और मूल्यों के प्रति संस्थान की गहरी निष्ठा का प्रतीक है.

श्री विवेक कुमार गर्ग ने बताया कि माँ सरस्वती को विद्या, संगीत, कला और बुद्धि की देवी माना जाता है. कॉलेज परिसर में उनकी प्रतिमा की उपस्थिति छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए निरंतर प्रेरणा का स्रोत बनेगी. यह हमें याद दिलाती रहेगी कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं, बल्कि यह ज्ञान, विवेक और सृजनशीलता का पथ है.
इस अवसर पर प्रो वाचस्पति मिश्र के नेतृत्व में वक्ताओं ने माँ सरस्वती वंदना, भजन और विचार प्रस्तुत किए. सभी ने एक स्वर में इस बात पर बल दिया कि भारतीय परंपरा और आधुनिक शिक्षा का समन्वय ही सच्ची विद्या का आधार है. आज जब तकनीक और प्रतियोगिता का युग है, तब माँ सरस्वती की आराधना हमें यह सिखाती है कि सच्चा ज्ञान वह है जो हमें विनम्रता, संयम और नैतिकता के मार्ग पर ले जाए.
चौधरी जयवीर सिंह ने कहा कि माँ सरस्वती देवी की प्रतिमा का उद्घाटन मेरठ कॉलेज के गौरवशाली इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है. यह आयोजन केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि ज्ञान और संस्कार की ज्योति जलाने का संकल्प है.


अब माँ सरस्वती की कृपा से यह परिसर सदैव विद्यार्थियों को सच्चे अर्थों में “विद्या दान” और “बुद्धि प्रकाश” के मार्ग पर प्रेरित करता रहेगा. यहां उल्लेखनीय तथ्य है कि इस प्रतिमा की स्थापना मेरठ कॉलेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह द्वारा करवाई गई है और इस कार्य में पुराने एवं नए सभी छात्र प्रतिनिधि शामिल है.
आज के कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में छात्र प्रतिनिधि एवं पूर्व छात्र नेता उपस्थित थे सभी अतिथियों ने एक स्वर से उनकी तारीफ की. कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री विनय कुमार, श्री जितेंद्र कुमार, श्री पंकज स्वामी, डॉ संदीप, डॉ कपिल, डॉ नरेंद्र प्रताप, डॉ पूरन सिंह इत्यादि का बहुत सहयोग रहा.
