By: The Trek News Desk
अमेरिका के मिनेसोटा राज्य की राजधानी मिनियापोलिस में जारी ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) विरोध प्रदर्शनों के बीच करीब 1,500 अमेरिकी सैनिकों को संभावित तैनाती के लिए तैयार रखा गया है. अमेरिकी रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि यदि राष्ट्रपति सक्रिय ड्यूटी सैन्य ताकत के इस्तेमाल का फैसला करते हैं, तो ये सैनिक एक विकल्प हो सकते हैं.
सूत्रों के अनुसार, ये सभी सैनिक फिलहाल अलास्का में तैनात हैं और अभी उन्हें मिनियापोलिस भेजने का कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. हालात पर लगातार नज़र रखी जा रही है और ज़रूरत पड़ने पर ही अगला कदम उठाया जाएगा.
मिनियापोलिस में हालिया तनाव उस समय बढ़ गया जब इस महीने की शुरुआत में एक ICE एजेंट द्वारा अमेरिकी नागरिक रिनी गुड की गोली लगने से मौत हो गई. इस घटना के बाद शहर में ICE के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गए. राज्य और स्थानीय प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है.
इस बीच, एक अमेरिकी संघीय न्यायाधीश ने मिनियापोलिस में ICE एजेंटों की भीड़ नियंत्रण कार्रवाई पर सीमाएं तय कर दी हैं. अदालत के आदेश के अनुसार, शांतिपूर्ण और बिना बाधा के प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ गिरफ्तारी या पेपर स्प्रे जैसे कदम नहीं उठाए जा सकते. इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो ICE की गतिविधियों को केवल देख या मॉनिटर कर रहे हैं.
मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज़ ने राज्य की नेशनल गार्ड को पहले ही अलर्ट पर रख दिया है. इसके अलावा, विरोध प्रदर्शनों से पहले ही मिनियापोलिस में अतिरिक्त पुलिस बल और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को तैनात किया गया है.
रिनी गुड की मौत के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन देखने को मिले. कई शहरों में लोगों ने “Justice for Renee” लिखी तख्तियां उठाकर इंसाफ की मांग की. जहां स्थानीय नेता उन्हें ICE गतिविधियों की कानूनी निगरानी करने वाली नागरिक बता रहे हैं, वहीं ट्रंप प्रशासन ने उन्हें “घरेलू आतंकवादी” करार दिया है, जिससे विवाद और गहरा गया है.
Source: News Agencies
