By: The Trek News Desk
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सोमवार (19 जनवरी 2026) को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि के एक मामले में पेश नहीं हुए. उनकी गैरहाज़िरी के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 20 फरवरी तय की है और उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आख़िरी मौका दिया है.
रायबरेली से सांसद राहुल गांधी को सोमवार को अदालत के सामने अपना बयान दर्ज कराना था. हालांकि, उनके वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने कोर्ट को बताया कि राहुल गांधी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के चलते केरल में मौजूद हैं और इसी कारण वह सुनवाई में शामिल नहीं हो सके.
एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश शुभम वर्मा ने इस दलील को रिकॉर्ड पर लेते हुए राहुल गांधी को आख़िरी मौका देते हुए अगली तारीख 20 फरवरी निर्धारित की. बाद में मीडिया से बातचीत में वकील शुक्ला ने कहा कि राहुल गांधी अगले निर्धारित दिन अदालत में उपस्थित होने की संभावना है.
यह मानहानि का मामला अक्टूबर 2018 में सुल्तानपुर ज़िले के कोतवाली देहात क्षेत्र के हनुमानगंज निवासी और स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता विजय मिश्रा द्वारा दर्ज कराया गया था. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अगस्त 2018 में कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.

इस मामले की सुनवाई पिछले कई वर्षों से चल रही है. दिसंबर 2023 में राहुल गांधी के अदालत में पेश न होने पर उनके खिलाफ वारंट भी जारी किया गया था. इसके बाद उन्होंने 20 फरवरी 2024 को अदालत में आत्मसमर्पण किया था, जहां विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर ज़मानत दी थी.
26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने आरोपों से इनकार करते हुए मामले को राजनीतिक साज़िश बताया था. इसके बाद कोर्ट ने शिकायतकर्ता पक्ष को सबूत प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, जिसके तहत गवाहों की गवाही शुरू हुई.
शिकायतकर्ता के वकील संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि 6 जनवरी को गवाह रामचंद्र दुबे का बयान दर्ज किया गया और बचाव पक्ष द्वारा भी उनसे सवाल किए गए थे. उन्होंने कहा कि अब अगली सुनवाई पर राहुल गांधी को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा.
Source: News Agencies
