By: The Trek News Desk
पश्चिम बंगाल के नादिया ज़िले में शनिवार को एक और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है. चापड़ा के बंगालझी गाँव में रिंकू ताराफदार, जो पेशे से पार्ट-टाइम शिक्षिका थीं, अपने घर में फंदे से लटकती मिलीं. परिवार ने पुलिस को बताया कि वह हाल के दिनों में Special Intensive Revision (SIR) कार्यभार को लेकर गंभीर तनाव में थीं.
पुलिस ने कमरे से एक नोट बरामद किया है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है. अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है. राज्य के मंत्री उज्ज्वल विश्वास भी शनिवार को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे.
सीएम ममता बनर्जी की CEC को चेतावनी: “SIR अभियान असुरक्षित और अव्यवस्थित”
घटना ऐसे समय सामने आई है जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार SIR प्रक्रिया को रोकने की मांग कर रही हैं. गुरुवार को उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर कहा था कि यह “अयोजित और दबावपूर्ण अभियान” कर्मचारियों की जान जोखिम में डाल रहा है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है.
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने लगाया सीधा आरोप
रिंकू ताराफदार की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा, “ज्ञानेश कुमार के लिए यह सीधा संदेश है, आप रिंकू ताराफदार की मौत के लिए जिम्मेदार हैं. 52 वर्षीय यह पार्ट-टाइम शिक्षिका BLO के रूप में असहनीय काम के दबाव में थीं और उसी तनाव में उन्होंने अपनी जान ले ली.”
जल्पाईगुड़ी में भी BLO की मौत
इससे पहले बुधवार को जल्पाईगुड़ी में एक अन्य बूथ लेवल ऑफिसर ने भी कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी. परिवार ने दावा किया कि “अत्यधिक SIR काम का दबाव” उनकी मौत का मुख्य कारण था.
Source: News Agencies
