By: The Trek News Desk
पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज की द्वितीय वर्ष की छात्रा के साथ हुए गैंगरेप मामले में पुलिस ने तेज़ कार्रवाई करते हुए 36 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पीड़िता, जो मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली है, उसको शुक्रवार रात कॉलेज परिसर से बाहर खींचकर बर्बरता से हवस का शिकार बनाया गया.
क्या है पूरा मामला?
पश्चिम बर्धमान ज़िले के एक मेडिकल कॉलेज की छात्रा अपने एक पुरुष मित्र के साथ बाहर निकली थी, तभी तीन युवकों ने उसे जबरन उठाया और जंगल की ओर ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. इस घटना के बाद छात्रा को गहरे मानसिक आघात के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है.
गिरफ्तारी और जांच
असन्सोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डिप्टी कमिश्नर अभिषेक गुप्ता ने मीडिया को बताया,
“हमने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें कोर्ट में पेश कर दिया गया है. जांच प्रक्रिया प्रोटोकॉल के तहत आगे बढ़ रही है.”
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार की गई है:
- अपू बाउरी (21 वर्ष)
- फिरदौस शेख (23 वर्ष)
- शेख रियाजुद्दीन (32 वर्ष)
पुलिस ने आरोपियों के पास से पीड़िता का मोबाइल फोन भी बरामद किया है. हालांकि, आरोपियों में से एक ने दावा किया है कि वे निर्दोष हैं और उन पर लगाए गए आरोप झूठे हैं.
पीड़िता के पिता का दर्द
पीड़िता के पिता ने मीडिया से बात करते हुए कहा,
“मेरी बेटी अब थोड़ा स्थिर है, लेकिन वह चल भी नहीं पा रही है. मैं उसे यहां नहीं छोड़ सकता. मुझे डर है कि ये लोग मेरी बेटी को मार देंगे. मैंने ओडिशा के मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि मुझे उसे वापस घर ले जाने दिया जाए.”
उन्होंने आगे कहा कि ओडिशा के मुख्यमंत्री, डीजी और एसपी उनकी मदद कर रहे हैं, लेकिन दुर्गापुर में सुरक्षा का कोई भरोसा नहीं है.

जांच में तकनीक का सहारा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना स्थल के पीछे के जंगल में रातभर तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें ड्रोन की मदद ली गई. आरोपियों में से एक के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर पुलिस जंगल तक पहुंची. जांच अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं इस मामले में पीड़िता के पुरुष मित्र की भी कोई भूमिका तो नहीं थी.
कानूनी धाराएं और प्रशासन की प्रतिक्रिया
गिरफ्तार तीनों आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 70(1) (गैंगरेप) और धारा 3(5) (संयुक्त आपराधिक उत्तरदायित्व) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
शनिवार देर रात, डिप्टी मजिस्ट्रेट रंजन राय ने अस्पताल पहुंचकर पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात की. उन्होंने कहा,
“यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. प्रशासन की ओर से पीड़िता को हर संभव सहयोग दिया जा रहा है. हमें उम्मीद है कि वह जल्द ही सामान्य जीवन में लौट सकेगी.”
स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि मेडिकल शिक्षा निदेशक इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द पेश करें.
महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान
राज्य के प्रधान स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम ने कहा है कि दुर्गापुर मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ हुए आपराधिक मामले को लेकर चिकित्सा शिक्षा निदेशक से पूरी घटना की विस्तृत जानकारी मांग ली गई है.
इसी के साथ, राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस गंभीर घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से पांच दिनों के भीतर यह बताने को कहा है कि अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है.
Source: News Agencies
