By: The Trek News Desk
जमैका सोमवार को हरिकेन मेलिसा (Hurricane Melissa) की चपेट में आने से पहले ही बर्बादी के कगार पर पहुंच गया. यह कैटेगरी 5 का बेहद शक्तिशाली तूफ़ान जमैका के करीब पहुंचते हुए 175 मील प्रति घंटा (280 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएँ चला रहा है. प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस ने चेतावनी दी है कि यह “जमैका के इतिहास का सबसे विनाशकारी तूफ़ान” साबित हो सकता है.
मेलिसा ने पहले ही हैती और डोमिनिकन रिपब्लिक में कम से कम चार लोगों की जान ले ली है, जबकि दर्जनों घर तबाह हो चुके हैं.
धीमी रफ्तार, लेकिन बेहद खतरनाक
अमेरिकी नेशनल हरिकेन सेंटर (NHC) के अनुसार, मेलिसा की सबसे खतरनाक बात इसकी धीमी गति है, यह मात्र 3 मील प्रति घंटा की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. इसका अर्थ है कि प्रभावित क्षेत्रों में लोग घंटों या दिनों तक विनाशकारी हवाओं और भारी बारिश का सामना करेंगे.
NHC ने चेतावनी दी है कि जमैका में “भयावह बाढ़, भूस्खलन और व्यापक संरचनात्मक नुकसान” देखने को मिल सकते हैं. दक्षिणी तट पर 13 फीट ऊँची लहरों और भारी समुद्री तूफान (storm surge) का खतरा है.
“कोई ढांचा इस तूफ़ान को नहीं झेल सकता”- पीएम होलनेस
प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस ने कहा कि पश्चिमी जमैका सबसे अधिक प्रभावित हो सकता है.
“मुझे नहीं लगता कि इस क्षेत्र का कोई भी ढांचा कैटेगरी 5 तूफ़ान का सामना कर पाएगा. लोगों को अपने जीवन की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाने होंगे,” उन्होंने मीडिया से कहा.
सरकार द्वारा लगातार निकासी (evacuation) की अपीलों के बावजूद, कई स्थानीय निवासी अपने घरों में ही रह रहे हैं.
किंग्स्टन के पोर्ट रॉयल इलाके के निवासी रॉय ब्राउन ने कहा, “मैं नहीं भाग रहा. मौत से भागा नहीं जा सकता.”
वहीं मछुआरन जेनिफर रामडियाल ने भी कहा, “मैं कहीं नहीं जाऊँगी. यही मेरा घर है.”

बढ़ता खतरा और मानवीय संकट
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मेलिसा की वर्षा 40 इंच (लगभग 1 मीटर) तक पहुँच सकती है, जिससे निचले इलाकों में भारी बाढ़ और भूस्खलन की आशंका है.
स्ट. एलिज़ाबेथ के फ्लैगमैन गाँव में लोग दुकानों और सामुदायिक भवनों में शरण ले रहे हैं. दुकान मालिक एनरिको कोक ने कहा, “हमने दरवाज़े सबके लिए खोले हैं. किसानों और मछुआरों की हालत बहुत खराब है, तूफ़ान के बाद हमें फौरन मदद की ज़रूरत होगी.”
हैती और डोमिनिकन रिपब्लिक में पहले ही तबाही
डोमिनिकन रिपब्लिक में एक 79 वर्षीय व्यक्ति बाढ़ में बह गया, जबकि एक 13 वर्षीय लड़का लापता बताया गया है. वहीं, हैती में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.
मौसम विज्ञानी कैरी इमैनुअल ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण अब तूफ़ान पहले से अधिक तेज़ी से और शक्तिशाली रूप से विकसित हो रहे हैं. “तेज़ हवाएँ खतरनाक हैं, लेकिन पानी ज़्यादा लोगों की जान लेता है,” उन्होंने कहा.
जलवायु परिवर्तन का बढ़ता असर
जलवायु वैज्ञानिक डेनियल गिलफ़र्ड ने कहा कि मानवीय गतिविधियों से उत्पन्न जलवायु परिवर्तन तूफ़ानों के हर पहलू को और भयावह बना रहा है.
“मेलिसा सिर्फ एक तूफ़ान नहीं है, बल्कि यह बढ़ते जलवायु संकट की चेतावनी है.”
Source: News Agencies
