By: The Trek News Desk
शुक्रवार सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान संचालन प्रभावित हो गया जब एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई. इस कारण देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक पर कई उड़ानें देरी से रवाना हुईं.
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने बताया कि ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम में आई तकनीकी समस्या के चलते एयर ट्रैफिक कंट्रोल डेटा प्रभावित हुआ. AAI ने कहा, “कंट्रोलर फिलहाल उड़ान योजनाओं को मैन्युअली प्रोसेस कर रहे हैं, जिससे कुछ देरी हो रही है. हमारी तकनीकी टीम सिस्टम को जल्द से जल्द बहाल करने में लगी है.”
प्रमुख एयरलाइनों पर पड़ा असर
इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी प्रमुख एयरलाइनों ने बताया कि उनके कई विमानों की उड़ानें इस गड़बड़ी के चलते विलंबित हुईं. इंडिगो ने एक बयान में कहा कि दिल्ली के साथ-साथ उत्तर भारत के कुछ अन्य क्षेत्रों में भी उड़ान संचालन पर इसका प्रभाव पड़ा है. हालांकि, एयरलाइनों ने फिलहाल विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है.
उड़ानों में औसतन 55 मिनट की देरी
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 70 से 80 उड़ानों के प्रस्थान में 30 मिनट से अधिक की देरी हुई, जबकि गुरुवार को लगभग 25 उड़ानें प्रभावित हुई थीं. फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 6 बजे से 8 बजे के बीच निर्धारित उड़ानें सबसे ज्यादा प्रभावित रहीं, जिनमें औसतन 55 मिनट की देरी दर्ज की गई.
ITA एयरवेज की रोम जाने वाली उड़ान लगभग दो घंटे देरी से रवाना हुई, जबकि वर्जिन अटलांटिक की लंदन उड़ान एक घंटे से अधिक देरी से चली. वेबसाइट पर कई उड़ानों के प्रस्थान समय ‘रेड ज़ोन’ में दिखाई दे रहे थे, जो गंभीर देरी को दर्शाता है.
टेक-ऑफ प्रभावित, लैंडिंग जारी
एक एयरलाइन अधिकारी ने बताया कि एयरपोर्ट पर विमान लैंडिंग जारी थी, लेकिन टेक-ऑफ (उड़ान भरना) बाधित हुआ. अधिकारी ने कहा कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल की ओर से अभी तक यह नहीं बताया गया है कि सिस्टम पूरी तरह कब बहाल होगा.

दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल
दिल्ली एयरपोर्ट ने वर्ष 2024 में लगभग 7.8 करोड़ यात्रियों की आवाजाही दर्ज की थी, जिससे यह विश्व का नौवां सबसे व्यस्त हवाई अड्डा बन गया है.
तकनीकी खराबी के कारण हुई इस बाधा ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अत्याधुनिक एयरपोर्ट पर तकनीकी सिस्टम की विश्वसनीयता को और कैसे मजबूत किया जाए. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे उड़ान से पहले अपने एयरलाइन से संपर्क कर नवीनतम समय-सारणी की पुष्टि करें.
Source: News Agencies
