By: The Trek News Desk
अमेरिका और जापान के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते के तहत 550 अरब डॉलर के निवेश पैकेज की पहली किस्त की औपचारिक शुरुआत कर दी गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम अमेरिकी अर्थव्यवस्था, ऊर्जा अवसंरचना और औद्योगिक उत्पादन को नई मज़बूती देगा.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया कि जापान अब आधिकारिक तौर पर अपने 550 अरब डॉलर के निवेश प्रतिबद्धता के तहत पहले चरण की परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है. उन्होंने इसे अमेरिका के औद्योगिक पुनरुत्थान और राष्ट्रीय सुरक्षा को सशक्त बनाने वाला समझौता बताया.
घोषित परियोजनाओं में टेक्सास में एक बड़े तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) संयंत्र की स्थापना, ओहायो में विशाल गैस आधारित बिजली उत्पादन संयंत्र का निर्माण और जॉर्जिया में एक अत्याधुनिक क्रिटिकल मिनरल्स प्रोसेसिंग प्लांट शामिल है. टेक्सास की LNG परियोजना से अमेरिकी ऊर्जा निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जबकि ओहायो का प्रस्तावित पावर प्लांट अपने प्रकार का सबसे बड़ा संयंत्र माना जा रहा है. जॉर्जिया में बनने वाला खनिज संयंत्र रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों के लिए विदेशी निर्भरता को कम करना है.
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि ये परियोजनाएं टैरिफ नीति के कारण संभव हो पाई हैं और इससे लाखों अमेरिकी नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे. उन्होंने इसे अमेरिका और जापान के बीच आर्थिक सहयोग के नए युग की शुरुआत बताया.
इस बीच, 19 मार्च को वॉशिंगटन में ट्रंप की मुलाकात जापान की नई नेता सानाए ताकाइची से प्रस्तावित है. हालिया चुनावी जीत के बाद ताकाइची ने अमेरिका के साथ रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मज़बूत करने का संकल्प लिया है. माना जा रहा है कि इस बैठक में निवेश परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा होगी.
हालांकि, ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ समान व्यापार समझौते में देरी पर नाराज़गी भी जताई है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि बातचीत में प्रगति नहीं हुई तो टैरिफ फिर से बढ़ाए जा सकते हैं. पहले उन्होंने 25 प्रतिशत तक शुल्क बढ़ाने की बात कही थी, जिसे बाद में जापान की निवेश प्रतिबद्धता के बाद घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश पैकेज अमेरिका की ऊर्जा स्वतंत्रता, विनिर्माण क्षमता और आपूर्ति शृंखला सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है.
Source: News Agencies
