By: The Trek News Desk
यूरोपीय संसद ने 2025 के लिए अपने सर्वोच्च मानवाधिकार सम्मान ‘सकारोव पुरस्कार’ (Sakharov Prize) की घोषणा कर दी है. इस बार यह प्रतिष्ठित सम्मान उन दो साहसी पत्रकारों को दिया गया है, जो फिलहाल अपने-अपने देशों की जेलों में कैद हैं, बेलारूस के एंड्रेज पोचोबुत और जॉर्जिया की म्ज़िया आमाघलोबेली.
कौन हैं ये पत्रकार?
एंड्रेज पोचोबुत, पोलैंड के प्रमुख समाचार पत्र गज़ेटा व्यबोर्चा के संवाददाता हैं. उन्हें बेलारूस की “राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने” के आरोप में आठ साल की सजा सुनाई गई थी, और वे इस समय नोवोपोलोत्स्क की जेल में बंद हैं.
वहीं, म्ज़िया आमाघलोबेली ने जॉर्जिया में दो स्वतंत्र मीडिया संस्थानों की स्थापना की थी. उन्हें इस वर्ष अगस्त में एक सरकार-विरोधी प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस प्रमुख को थप्पड़ मारने के आरोप में दो साल की जेल हो गई. मानवाधिकार संगठनों ने इस मामले को प्रेस की आज़ादी को दबाने की साज़िश बताया है.
यूरोपीय संसद की अध्यक्ष की टिप्पणी
यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रोबर्टा मेट्सोला ने बुधवार को पुरस्कार की घोषणा करते हुए कहा,
“ये दोनों पत्रकार केवल अपना काम कर रहे थे, अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाई, और आज वे झूठे आरोपों के चलते जेल में हैं. उनका साहस उन्हें स्वतंत्रता और लोकतंत्र की लड़ाई का प्रतीक बनाता है.”
सकारोव पुरस्कार क्या है?
सकारोव पुरस्कार की स्थापना 1988 में सोवियत संघ के भूतपूर्व मानवाधिकार कार्यकर्ता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता आंद्रेई सकारोव के सम्मान में की गई थी. यह पुरस्कार हर साल ऐसे व्यक्ति या समूह को दिया जाता है जो मानवाधिकारों और बुनियादी स्वतंत्रताओं की रक्षा के लिए उल्लेखनीय कार्य करता है.
पुरस्कार विजेताओं का चयन यूरोपीय संसद की विभिन्न राजनीतिक इकाइयों द्वारा नामांकित उम्मीदवारों में से वरिष्ठ सांसद करते हैं. संसद का कहना है कि यह “यूरोपीय संघ द्वारा मानवाधिकार कार्य को दी जाने वाली सर्वोच्च श्रद्धांजलि” है.
पिछले विजेताओं की फेहरिस्त में शामिल हैं कई विश्व प्रसिद्ध नाम:
सकारोव पुरस्कार ने अतीत में कई ऐसे हस्तियों को सम्मानित किया है, जिन्होंने बाद में नोबेल शांति पुरस्कार भी प्राप्त किया, जैसे नेल्सन मंडेला, मलाला यूसुफज़ई, डेनिस मुकवेगे और नादिया मुराद.
वेनिजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचाडो, जिन्हें इस महीने नोबेल शांति पुरस्कार मिला, उन्हें पिछले साल का सकारोव पुरस्कार मिला था.
संदेश और महत्व
बेलारूस की विपक्षी नेता स्वेतलाना तिखानोव्सकाया, जिन्हें 2020 में सकारोव पुरस्कार दिया गया था, उन्होंने इस वर्ष की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
“यह पुरस्कार सभी राजनीतिक कैदियों के लिए एक ताक़तवर संदेश है कि आप अकेले नहीं हैं, और पत्रकारिता कोई अपराध नहीं है.”
पुरस्कार समारोह
इस पुरस्कार के तहत विजेताओं को €50,000 (लगभग ₹48 लाख रुपये) की राशि प्रदान की जाएगी. सम्मान समारोह दिसंबर में यूरोपीय संसद, स्ट्रासबर्ग में आयोजित किया जाएगा.
Source: News Agencies
