जेएनयू प्रदर्शन: मार्च निकालने के दौरान हुई झड़प के बाद 14 लोग गिरफ्तार

By: The Trek News Desk

राजधानी के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में गुरुवार शाम छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प के बाद दिल्ली पुलिस ने 14 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई उस समय की गई जब छात्र संगठन के सदस्य शिक्षा मंत्रालय की ओर मार्च निकालने की कोशिश कर रहे थे.

गिरफ्तार किए गए लोगों में जेएनयू छात्रसंघ (JNUSU) की अध्यक्ष अदिति मिश्रा, उपाध्यक्ष गोपिका बाबू, पूर्व अध्यक्ष नितीश कुमार और संयुक्त सचिव दानिश अली सहित अन्य छात्र शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि वसंत कुंज नॉर्थ थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इन धाराओं में लोक सेवक को ड्यूटी से रोकना, मारपीट और जानबूझकर चोट पहुंचाने जैसे आरोप शामिल हैं.

जानकारी के मुताबिक, छात्रसंघ के सदस्य विश्वविद्यालय परिसर के साबरमती टी-पॉइंट पर एकत्र हुए थे और कुलपति शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित की हालिया टिप्पणियों के विरोध में शिक्षा मंत्रालय तक मार्च करना चाहते थे. कुलपति ने एक पॉडकास्ट में यूजीसी नियमों के क्रियान्वयन, छात्रसंघ पदाधिकारियों के निलंबन और प्रस्तावित ‘रोहित एक्ट’ को लेकर बयान दिए थे, जिनका छात्र विरोध कर रहे थे.

विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर भारी बैरिकेडिंग के बीच जब छात्रों को आगे बढ़ने से रोका गया, तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई. दिल्ली पुलिस का दावा है कि इस दौरान कुछ छात्रों ने पुलिसकर्मियों पर शारीरिक हमला किया, जिससे कई जवान घायल हुए. गुरुवार शाम कुल 51 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था.

वहीं, जेएनयू छात्रसंघ ने पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया है. छात्रसंघ का कहना है कि 13 छात्रों, जिनमें तीन पदाधिकारी शामिल हैं, को हिरासत में लिया गया और कई छात्रों के साथ मारपीट की गई. संघ ने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान डॉ. भीमराव अंबेडकर का चित्र क्षतिग्रस्त हुआ.

छात्रसंघ ने विश्वविद्यालय में पूर्ण हड़ताल का आह्वान किया है और मांग की है कि सभी छात्रों को बिना शर्त रिहा किया जाए, कुलपति इस्तीफा दें, अंबेडकर के चित्र को नुकसान पहुंचाने के लिए ज़िम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो तथा छात्र कार्यकर्ताओं पर दर्ज एफआईआर और अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को वापस लिया जाए.

इस बीच, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन (JNUTA) ने भी पहले पुलिस कार्रवाई की निंदा की थी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. फिलहाल कैंपस में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन व छात्रों के बीच टकराव को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है.

Source: News Agencies

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