By: The Trek News Desk
चीन ने म्यांमार में सक्रिय कुख्यात बाई परिवार माफिया गिरोह के चार और सदस्यों को फांसी दे दी है. सरकारी मीडिया के मुताबिक, ये लोग उन आपराधिक नेटवर्क्स का हिस्सा थे जो म्यांमार में साइबर ठगी, अवैध कैसीनो और मानव तस्करी जैसे अपराध चला रहे थे.
गुआंगडोंग प्रांत की एक अदालत ने बाई परिवार के कुल 21 सदस्यों और सहयोगियों को धोखाधड़ी, हत्या, गंभीर चोट पहुंचाने और अन्य संगीन अपराधों का दोषी ठहराया था. इनमें से चार को हाल ही में मौत की सज़ा दी गई.
राज्य मीडिया के अनुसार, नवंबर 2024 में अदालत ने बाई परिवार के पांच सदस्यों को फांसी की सज़ा सुनाई थी. इनमें गिरोह का मुखिया बाई सुओचेंग भी शामिल था, जिसकी सज़ा के बाद बीमारी से मौत हो गई थी.
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही चीन ने मिंग परिवार माफिया गिरोह के 11 सदस्यों को भी फांसी दी थी. यह कार्रवाई दक्षिण-पूर्व एशिया में फैल चुके ऑनलाइन स्कैम नेटवर्क्स के खिलाफ चीन की व्यापक मुहिम का हिस्सा है.
कई वर्षों तक बाई, मिंग और अन्य प्रभावशाली परिवारों का म्यांमार के सीमावर्ती शहर लौक्काइंग पर दबदबा रहा. यहां वे अवैध कैसीनो, रेड-लाइट इलाके और बड़े पैमाने पर साइबर ठगी के अड्डे चलाते थे.
एक सरकारी बयान के मुताबिक, बाई परिवार इन गिरोहों में सबसे शक्तिशाली था. उनके नियंत्रण में 41 परिसर थे, जहां ऑनलाइन ठगी और जुए के धंधे संचालित किए जाते थे. इन परिसरों में हिंसा, मारपीट और यातना आम बात थी.
अदालत ने कहा कि बाई परिवार की आपराधिक गतिविधियों के चलते छह चीनी नागरिकों की मौत, एक व्यक्ति की आत्महत्या और कई अन्य लोगों के घायल होने की घटनाएं सामने आईं.

बाई परिवार की ताकत 2000 के दशक की शुरुआत में बढ़ी थी, जब म्यांमार के तत्कालीन स्थानीय सरगना को एक सैन्य अभियान में हटाया गया. उस अभियान का नेतृत्व वर्तमान सैन्य शासक मिन आंग ह्लाइंग ने किया था.
हालांकि, वर्ष 2023 में हालात बदल गए, जब चीन म्यांमार सेना की निष्क्रियता से नाराज़ हो गया और उसने क्षेत्र में सक्रिय जातीय विद्रोही समूहों के अभियान का अप्रत्यक्ष समर्थन किया. इसके बाद साइबर ठगी गिरोहों का पतन हुआ और उनके सदस्य चीन के हवाले कर दिए गए.
चीन में इन अपराधियों को सरकारी डॉक्यूमेंट्रीज़ में दिखाया गया, जिनका उद्देश्य यह संदेश देना था कि सरकार ऑनलाइन ठगी नेटवर्क्स को पूरी तरह ख़त्म करने के लिए प्रतिबद्ध है. हालिया फांसियों को भी संभावित अपराधियों के लिए कड़ा चेतावनी संदेश माना जा रहा है.
संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार, म्यांमार और दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य हिस्सों में लाखों लोगों को जबरन साइबर ठगी में झोंक दिया गया, जिनमें हज़ारों चीनी नागरिक भी शामिल हैं. इन ठगियों से होने वाला अधिकांश आर्थिक नुकसान भी चीनियों को ही उठाना पड़ा है.
Source: News Agencies
