By: The Trek News Desk
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन सरकार के चागोस द्वीप समूह को मॉरीशस को सौंपने के फैसले की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने इस कदम को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नुकसानदेह बताते हुए कहा कि इसी तरह के फैसले अमेरिका को ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की ज़रूरत की ओर धकेलते हैं.
ट्रंप की यह टिप्पणी उनके पहले के रुख से बिल्कुल उलट है. गौरतलब है कि मई में जब ब्रिटेन और मॉरीशस के बीच चागोस को लेकर समझौता हुआ था, तब ट्रंप और उनके प्रशासन ने इस डील का समर्थन किया था. उस समय अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इसे “ऐतिहासिक समझौता” बताते हुए दोनों देशों के नेतृत्व और दूरदृष्टि की सराहना की थी.

हालांकि अब ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ब्रिटेन को निशाने पर लेते हुए कहा कि एक प्रमुख नाटो सहयोगी होने के बावजूद यूके डिएगो गार्सिया द्वीप को “बिना किसी ठोस कारण” मॉरीशस को सौंप रहा है. डिएगो गार्सिया पर अमेरिका और ब्रिटेन का अहम सैन्य अड्डा स्थित है. समझौते के तहत इस सैन्य अड्डे को 99 वर्षों के लिए लीज़ पर वापस लेने की व्यवस्था की गई है.
ट्रंप ने इस फैसले को “बहुत बड़ी मूर्खता” करार देते हुए दावा किया कि यह अमेरिका की सुरक्षा से जुड़े उन कारणों में से एक है, जिनकी वजह से ग्रीनलैंड को हासिल करना ज़रूरी हो जाता है.
इसी बीच ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ हुई निजी बातचीत का एक स्क्रीनशॉट भी सार्वजनिक कर दिया. सिग्नल मैसेजिंग ऐप पर भेजे गए इस संदेश में मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के रुख पर सवाल उठाते हुए लिखा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि अमेरिका ऐसा कदम क्यों उठा रहा है. मैक्रों ने गुरुवार को पेरिस में जी-7 बैठक आयोजित करने का सुझाव भी दिया और उसी दिन रात्रिभोज के लिए ट्रंप को आमंत्रित किया.

Source: News Agencies
