By: The Trek News Desk
पूर्वी तट पर मौसम ने एक बार फिर खतरे की घंटी बजा दी है. बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव अब चक्रवात ‘मोंथा’ में तब्दील हो चुका है और यह तेज़ी से तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है.
मौसम विभाग के अनुसार, यह 28 अक्टूबर की शाम या रात को काकीनाडा (आंध्र प्रदेश तट) के पास ज़मीन से टकरा सकता है.
इस बढ़ते खतरे के मद्देनज़र ओडिशा और आंध्र प्रदेश सरकारों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है. दोनों राज्यों में स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया गया है, राहत टीमों को तैनात किया गया है और तटीय इलाकों से लोगों की निकासी शुरू हो चुकी है.
IMD ने जारी किया चक्रवात का मार्ग और चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना गहरा दबाव अब पश्चिम-उत्तर दिशा में बढ़ते हुए मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के पास तट से टकराने की संभावना है.
इस दौरान भारी वर्षा, तेज़ हवाएँ (90–110 किमी प्रति घंटा) और समुद्री ज्वार (storm surge) जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं, जिससे कई तटीय ज़िले प्रभावित हो सकते हैं.

स्कूल और कॉलेज बंद- प्रशासन ने एहतियात बरती
आंध्र प्रदेश में स्थिति:
- काकीनाडा ज़िला प्रशासन ने Hope Island के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू कर दिया है.
यहाँ सभी स्कूलों को 27 से 31 अक्टूबर तक बंद रखा जाएगा. - पश्चिम गोदावरी और एलुरु में 27–28 अक्टूबर को शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे.
- पूर्वी गोदावरी, अन्नमय्या और कडप्पा ज़िलों में भी समान आदेश जारी किए गए हैं.
- NTR, बापटल, कृष्णा और गुंटूर जिलों में 27 से 29 अक्टूबर तक छुट्टियाँ घोषित की गई हैं.
- कोनसीमा ज़िला प्रशासन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बंदी पर जल्द फैसला करेगा.
ओडिशा में सतर्कता:
ओडिशा के गजपति ज़िले में कलेक्टर मधुमिता ने सभी स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र और कॉलेज को 30 अक्टूबर तक बंद रखने का आदेश दिया है.
राज्य के अन्य दक्षिणी ज़िले भी जल्द इसी तरह के कदम उठा सकते हैं.
ओडिशा में रेड ज़ोन अलर्ट- 8 ज़िले सबसे अधिक जोखिम में
राज्य के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने रविवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने बताया कि मलकानगिरी, कोरापुट, रायगडा, गंजाम, गजपति, कंधमाल, कालाहांडी और नबरंगपुर ज़िलों को रेड ज़ोन श्रेणी में रखा गया है.
मंत्री ने सभी 30 ज़िलों के कलेक्टरों को सतर्क रहने, राहत शिविर तैयार रखने और संवेदनशील तटीय इलाकों में समय पर निकासी पूरी करने के निर्देश दिए हैं.

सरकार की प्राथमिकता: जनहानि और संपत्ति की हानि को न्यूनतम रखना
ओडिशा और आंध्र सरकारें अब राहत और पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं.
आपदा प्रबंधन टीमें पहले से तैनात हैं, बिजली, स्वास्थ्य और जल संसाधन विभागों को संयुक्त रूप से काम करने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे घर के अंदर रहें, अफवाहों से बचें और मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट का पालन करें.
Source: News Agencies
