By: The Trek News Desk
ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के बीच बढ़ते तनाव पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टारमर ने शांति और बातचीत की अपील की है. उन्होंने कहा कि सहयोगी देशों के बीच मतभेदों को सुलझाने के लिए टैरिफ जैसे दबाव वाले हथकंडों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.
सोमवार (19 जनवरी 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री स्टारमर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय सहयोगियों पर टैरिफ लगाने की बात कही थी. स्टारमर ने साफ किया कि उनका मुख्य उद्देश्य किसी भी तरह के “टैरिफ युद्ध” को टालना है.
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिटेन और अमेरिका के बीच दशकों पुराना गठबंधन दोनों देशों के लिए सुरक्षा और समृद्धि का आधार रहा है और वह इस रिश्ते को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सहयोगियों पर आर्थिक दबाव डालना सही तरीका नहीं है.
स्टारमर ने कहा कि ग्रीनलैंड का भविष्य तय करने का अधिकार केवल डेनमार्क को है और इस मामले में किसी भी तरह का दबाव अनुचित है. उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि मज़बूत गठबंधन सम्मान और साझेदारी पर टिके होते हैं, न कि धमकियों पर.
प्रधानमंत्री ने कहा, “सहयोगी देशों के बीच मतभेदों को सुलझाने का सही तरीका शांतिपूर्ण बातचीत है. टैरिफ का इस्तेमाल करना न तो सही है और न ही इससे किसी समस्या का समाधान निकलता है.”
ब्रिटेन की इस प्रतिक्रिया को अमेरिका और यूरोप के बीच संभावित व्यापारिक टकराव को कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रीनलैंड जैसे संवेदनशील भू-राजनीतिक मुद्दों पर संवाद और सहयोग ही स्थायी समाधान का रास्ता हो सकता है.
Source: News Agencies
