गूगल द्वारा कंटेंट क्रिएटर्स को बिना भुगतान किए AI ट्रेनिंग करने पर EU ने शुरू की जांच

By: The Trek News Desk

संघ (EU) ने मंगलवार को अमेरिकी टेक कंपनी गूगल के खिलाफ एक औपचारिक जांच शुरू की है. आरोप है कि गूगल अपने जनरेटिव एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए ऑनलाइन उपलब्ध सामग्री, जिसमें मीडिया हाउसों की खबरें, वेबसाइट लेख और यूट्यूब वीडियो शामिल हैं का उपयोग बिना किसी भुगतान या अनुमति विकल्प दिए कर रहा है.

EU का कहना है कि यह प्रक्रिया न केवल प्रकाशकों और क्रिएटर्स के अधिकारों का उल्लंघन कर सकती है, बल्कि यूरोपीय प्रतिस्पर्धा कानूनों का भी सीधा उल्लंघन हो सकता है.

मुख्य चिंता: गूगल की शर्तें क्या बाजार को प्रभावित कर रही हैं?

यूरोपीय आयोग ने कहा कि जांच विशेष रूप से इस बात पर केंद्रित होगी कि क्या गूगल ने सामग्री निर्माताओं पर अनुचित शर्तें लागू की हैं या प्रतिस्पर्धियों को नुकसान पहुँचाने के लिए विशेष लाभ उठाया है.

EU की प्रतियोगिता प्रमुख तेरेसा रिबेरा ने कहा, “स्वतंत्र मीडिया, जानकारी तक खुली पहुँच और रचनात्मक क्षेत्र की सुरक्षा लोकतंत्र की नींव है. एआई तकनीक विकास के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन यह प्रगति समाज के मूल सिद्धांतों की कीमत पर नहीं होनी चाहिए.”

यूट्यूब कंटेंट का उपयोग: भुगतान नहीं, विकल्प नहीं

जांच का एक बड़ा हिस्सा इस बात पर केंद्रित है कि क्या गूगल ने यूट्यूब वीडियो को जनरेटिव एआई ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किया, बिना क्रिएटर्स को भुगतान किए और बिना उन्हें यह विकल्प दिए कि उनका कंटेंट इस्तेमाल न किया जाए.

आयोग के मुताबिक:

  • गूगल यूट्यूब क्रिएटर्स को एआई ट्रेनिंग के लिए कोई भुगतान नहीं करता.
  • क्रिएटर्स को अपनी सामग्री अपलोड करने के लिए गूगल द्वारा निर्धारित नियमों को मानना पड़ता है, जिसमें उनके डेटा के उपयोग की सहमति शामिल है.
  • वहीं, यूट्यूब की नीति प्रतिस्पर्धी एआई डेवलपर्स को इस सामग्री का उपयोग करने से रोकती है.

इससे गूगल को डेटा तक विशेष पहुँच मिलती है, जबकि प्रतिस्पर्धियों के लिए यह रास्ता बंद हो जाता है.

समाचार वेबसाइटों की सामग्री का उपयोग भी जांच के दायरे में

EU यह भी जांच कर रहा है कि क्या गूगल वेबसाइटों और समाचार पोर्टलों की सामग्री का उपयोग अपने AI-आधारित जवाबों, जैसे सर्च रिजल्ट्स में दिखने वाले एआई-सारांश और “AI मोड” के लिए कर रहा है, बिना भुगतान और बिना ऑप्ट-आउट का विकल्प दिए.

ये फीचर्स उपयोगकर्ताओं के सवालों के लिए सीधे एआई-जनरेटेड जवाब देते हैं, जिससे मूल प्रकाशकों की ट्रैफिक और आमदनी पर असर पड़ सकता है.

EU की चेतावनी और आगे की प्रक्रिया

तेरेसा रिबेरा ने कहा, “हम जांच कर रहे हैं कि क्या गूगल ने कंटेंट क्रिएटर्स और पब्लिशर्स पर अनुचित शर्तें लागू की हैं और क्या इससे उसके प्रतिस्पर्धी एआई डेवलपर्स को नुकसान पहुँचा है.”

EU ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच शुरू होने का मतलब यह नहीं कि गूगल पहले से दोषी माना जा रहा है. लेकिन यदि कंपनी दोषी पाई जाती है, तो उसे भारी जुर्माना झेलना पड़ सकता है.

जांच के लिए कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं की गई है.

Source: News Agencies

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