ग़ज़ा में संघर्षविराम लागू, इसराइली सेना ने शुरू की वापसी; रेड क्रॉस ने मानवीय सहायता के लिए तैयारियां तेज़ कीं

By: The Trek News Desk

इसराइली सेना ने शुक्रवार को घोषणा की कि ग़ज़ा में संघर्षविराम (Ceasefire) अब प्रभाव में आ गया है. सरकार द्वारा रातभर चली बैठकों के बाद मंजूर हुए समझौते के तहत इसराइली बलों ने ग़ज़ा के कई इलाकों से धीरे-धीरे पीछे हटना शुरू कर दिया है.

इज़राइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के प्रवक्ता ने कहा, “हमारी सेनाएँ समझौते के अनुसार पीछे हट रही हैं, लेकिन ग़ज़ा पट्टी के कुछ क्षेत्रों में हमारी मौजूदगी बनी रहेगी.”

समझौते के मुख्य बिंदु

समझौते में तीन प्रमुख पहलू शामिल हैं-

  1. सभी बंधकों की रिहाई,
  2. इसराइली सेना की निर्धारित सीमाओं तक वापसी,
  3. और कुछ फ़िलिस्तीनी क़ैदियों की रिहाई.

हमास ने कहा है कि किसी भी बंधक की रिहाई से पहले “युद्ध समाप्ति की औपचारिक घोषणा” आवश्यक होगी.

अमेरिका की भूमिका

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका 200 सैनिकों को मध्य पूर्व भेज रहा है जो इस समझौते की निगरानी करेंगे. यह बल मिस्र, कतर, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात के सैनिकों के साथ काम करेगा. अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि “अमेरिकी सैनिक ग़ज़ा में प्रवेश नहीं करेंगे.”

ग़ज़ा सिटी में भयावह स्थिति

इसराइली सैनिकों के कुछ इलाकों से हटने के बाद ग़ज़ा सिटी में कम से कम 19 फ़िलिस्तीनियों के शव मलबे से निकाले गए हैं.
अल-शिफा अस्पताल के निदेशक डॉ. मोहम्मद अबू सलमिया ने बताया कि “कई इलाकों में अब जाकर शवों को बाहर निकाला जा रहा है, क्योंकि पहले वहां पहुंचना असंभव था.”

फ़िलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से 67,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है. मलबे में फंसे शवों को निकालने में गंभीर कठिनाइयाँ बनी हुई हैं.

रेड क्रॉस की मानवीय पहल

इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC) ने कहा है कि उसके दल इज़राइल और ग़ज़ा दोनों में संघर्षविराम समझौते के क्रियान्वयन में मदद के लिए तैयार हैं.

रेड क्रॉस अध्यक्ष मिर्जाना स्पोलजारिक ने बयान में कहा, “आने वाले कुछ दिन निर्णायक होंगे… संघर्षविराम कायम रहना चाहिए, क्योंकि हज़ारों ज़िंदगियाँ इस पर निर्भर हैं.” उन्होंने इज़राइल और हमास दोनों से अपील की कि वे अपने वादों का सम्मान करें.

रेड क्रॉस टीमें बंधकों और फ़िलिस्तीनी क़ैदियों की अदला-बदली में सहयोग करेंगी और मृतकों के शवों को उनके परिवारों तक सम्मानपूर्वक पहुंचाने में भी मदद करेंगी.

संघर्षविराम की नाज़ुक उम्मीद

ग़ज़ा में यह संघर्षविराम क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता का परिणाम है. हालांकि स्थानीय नागरिकों और राहत संगठनों को आशंका है कि ज़मीन पर स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है.

Source: News Agencies

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