क्या यात्रा प्रतिबंध के बावजूद नोबेल सम्मान लेने पहुंचेंगी छिपी हुई वेनेज़ुएलन विपक्षी नेता

By: The Trek News Desk

वेनेज़ुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचादो बुधवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त करने वाली हैं. यह सम्मान उन्हें ऐसे समय में मिल रहा है जब उन पर अपने ही देश में लगभग दस वर्ष से यात्रा प्रतिबंध लगा हुआ है और वह पिछले एक साल से भी अधिक समय से छिपकर रह रही हैं. फिलहाल उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है, और यह भी स्पष्ट नहीं है कि वे समारोह में उपस्थित होंगी या नहीं.

ट्रम्प को समर्पित किया था पुरस्कार का हिस्सा

अक्टूबर में जब उनके नाम की घोषणा हुई, तो माचादो ने इस पुरस्कार को आंशिक रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को समर्पित किया था. ट्रंप पहले ही दावा कर चुके हैं कि वे स्वयं इस पुरस्कार के हकदार हैं.

वहीं वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का आरोप है कि ट्रंप उन्हें सत्ता से हटाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि देश के विशाल तेल भंडारों पर नियंत्रण हासिल किया जा सके. मादुरो ने कहा है कि वेनेज़ुएला की जनता और सेना किसी भी विदेशी हस्तक्षेप का विरोध करेगी.

ओस्लो में प्रतिष्ठित समारोह, लेकिन उपस्थिति अनिश्चित

58 वर्षीय माचादो को यह सम्मान ओस्लो सिटी हॉल में आयोजित समारोह में दिया जाएगा, जहां नॉर्वे के राजा हेराल्ड, रानी सोन्या, और कई लैटिन अमेरिकी नेता, जिनमें अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जावियर मिलेई और इक्वाडोर के राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ उपस्थित रहेंगे.
समारोह दोपहर 1 बजे (1200 GMT) शुरू होगा.

यदि माचादो ओस्लो नहीं पहुंच पाती हैं, तो कार्यक्रम फिर भी पूर्व निर्धारित रूप से आयोजित किया जाएगा. ऐसी स्थिति में नोबेल परंपरा के अनुसार परिवार का कोई सदस्य पुरस्कार ग्रहण कर सकता है और उनकी ओर से नोबेल व्याख्यान भी दे सकता है.

मंगलवार को माचादो प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उपस्थित नहीं हुईं. नॉर्वेजियन नोबेल इंस्टीट्यूट ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि “वह कब और कैसे ओस्लो पहुंचेंगी.”
इंस्टीट्यूट के निदेशक क्रिस्टियन बर्ग हार्पविकेन ने कहा, “मुझे इतना पता है कि वह आना चाहती हैं और रास्ते में हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि समारोह इस वर्ष की सम्मानित हस्ती के महत्व और वेनेज़ुएला की स्थिति, विशेषकर लोकतंत्र और शांति के संबंध पर उचित प्रकाश डाले.”

ट्रम्प के करीबी हलकों के साथ माचादो की नज़दीकी

माचादो ने खुद को ट्रंप-समर्थक कठोर धड़े के साथ जोड़ लिया है, जो दावा करता है कि मादुरो का आपराधिक गिरोहों से संबंध है और यह अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है.
हालांकि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इन दावों पर कई बार सवाल उठाए हैं.

ट्रंप प्रशासन ने हाल के महीनों में 20 से अधिक सैन्य कार्रवाई कैरिबियन और लैटिन अमेरिकी तटों के पास कथित ड्रग-तस्करी अभियानों के खिलाफ की हैं.
मानवाधिकार संगठनों, डेमोक्रेट्स और कई लैटिन अमेरिकी देशों ने इन हमलों को अनधिकृत हत्या बताते हुए कड़ी आलोचना की है.

सूत्रों और प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार वेनेज़ुएला की सेना किसी भी संभावित अमेरिकी हमले की स्थिति में गुरिल्ला-शैली का प्रतिरोध करने की योजना तैयार कर रही है.

विवादित चुनाव और पुरस्कार का प्रतीकात्मक महत्व

2024 के राष्ट्रपति चुनावों में माचादो को उम्मीदवार बनने से रोक दिया गया, जबकि उन्होंने विपक्षी प्राइमरी में भारी जीत दर्ज की थी. चुनाव के बाद विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी बढ़ने पर वे अगस्त 2024 में भूमिगत हो गईं.

वेनेज़ुएला की चुनावी प्राधिकरण और सर्वोच्च न्यायालय ने मादुरो को विजेता घोषित किया, लेकिन विपक्ष और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का दावा है कि माचादो ने स्पष्ट जीत हासिल की थी.
विपक्ष ने इसे साबित करने के लिए मतदान केंद्र-स्तर के आंकड़े भी सार्वजनिक किए हैं.

चैथम हाउस के लैटिन अमेरिका विशेषज्ञ क्रिस्टोफर सबाटिनी के अनुसार, यह पुरस्कार “भूली-बिसरी लोकतांत्रिक जीत का अंतरराष्ट्रीय सत्यापन” है.
उन्होंने कहा, “इस सम्मान ने माचादो को एक ऐसी नेता के रूप में स्थापित किया है, जिस पर दुनिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय अपनी उम्मीदें टिकाए हुए है.”

उन्होंने यह भी जोड़ा, “लोकतांत्रिक आंदोलनों को अक्सर एक चेहरा चाहिए होता है, एक कहानी चाहिए होती है.”

Source: News Agencies

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *