एंड्रयू माउंटबैटन-विंडसर को शाही उत्तराधिकार की कतार से हटाने पर ब्रिटिश सरकार कर रही विचार

By: The Trek News Desk

ब्रिटेन की सरकार एंड्रयू माउंटबैटन-विंडसर को शाही उत्तराधिकार की सूची से हटाने के लिए कानून लाने पर गंभीरता से विचार कर रही है. यह कदम उन्हें भविष्य में कभी भी राजा बनने की संभावना से पूरी तरह बाहर कर देगा.

रक्षा मंत्री ल्यूक पोलार्ड ने एक इंटरव्यू में संकेत दिया कि पुलिस जांच के नतीजे जो भी हों, उन्हें उत्तराधिकार की पंक्ति से हटाना “सही कदम” होगा. वर्तमान में एंड्रयू, जो कि राजा चार्ल्स III के भाई हैं, शाही उपाधियां छीने जाने के बावजूद सिंहासन की कतार में आठवें स्थान पर बने हुए हैं.

एंड्रयू को हाल ही में सार्वजनिक पद का गलत इस्तेमाल करने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था, हालांकि करीब 11 घंटे बाद उन्हें जांच के तहत रिहा कर दिया गया. उन्होंने सभी आरोपों से लगातार इनकार किया है.

सरकार ने पुष्टि की है कि वह बकिंघम पैलेस के साथ मिलकर इस प्रस्ताव पर चर्चा कर रही है, ताकि एंड्रयू कभी भी “सिंहासन के बेहद करीब” न पहुंच सकें.

यदि सरकार यह विधेयक लाती है तो इसे संसद के दोनों सदनों से पारित कराना होगा और अंततः राजा की स्वीकृति (रॉयल असेंट) के बाद ही यह कानून बनेगा. इसके अलावा, उन 14 कॉमनवेल्थ देशों की सहमति भी आवश्यक होगी जहां किंग चार्ल्स राष्ट्राध्यक्ष हैं, जिनमें कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जमैका और न्यूजीलैंड शामिल हैं.

गौरतलब है कि आखिरी बार 2013 में उत्तराधिकार कानून में संशोधन किया गया था, जब ‘सक्सेशन टू द क्राउन एक्ट’ के जरिए कैथोलिक से विवाह करने वालों पर लगी रोक हटाई गई थी. वहीं 1936 में संसद के अधिनियम के माध्यम से एडवर्ड VIII और उनके वंशजों को उनके त्यागपत्र (एब्डिकेशन) के बाद उत्तराधिकार से हटाया गया था.

लिबरल डेमोक्रेट नेता एड डैवी ने कहा कि फिलहाल पुलिस को निष्पक्ष रूप से जांच पूरी करने का मौका मिलना चाहिए, लेकिन सही समय आने पर संसद को इस मुद्दे पर विचार करना ही होगा.

स्कॉटिश नेशनल पार्टी (SNP) के वेस्टमिंस्टर नेता स्टीफन ने भी संकेत दिया कि यदि कानून लाया जाता है तो उनकी पार्टी इसका समर्थन करेगी. वहीं लेबर सांसद रैचेल मास्केल ने भी एंड्रयू को उत्तराधिकार और ‘काउंसलर ऑफ स्टेट’ की भूमिका से हटाने के पक्ष में बयान दिया है.

काउंसलर ऑफ स्टेट वे सदस्य होते हैं जो सम्राट की अनुपस्थिति या अस्वस्थता में कुछ आधिकारिक जिम्मेदारियां निभा सकते हैं. हालांकि व्यवहार में यह भूमिका केवल सक्रिय शाही सदस्यों को दी जाती है.

इतिहासकार डेविड ओलुसोगा ने कहा कि सरकार और शाही परिवार के भीतर यह इच्छा दिख रही है कि मौजूदा विवाद और व्यापक राजशाही संस्था के बीच साफ दूरी बनाई जाए.

उल्लेखनीय है कि एंड्रयू ने 2019 में सार्वजनिक दायित्वों से किनारा कर लिया था, जब जेफरी एपस्टीन के साथ संबंधों को लेकर विवाद खड़ा हुआ था.

इस बीच, कंजर्वेटिव पार्टी की नेता केमी बेडेनॉक ने कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े सभी लोगों को पुलिस जांच पूरी होने तक संयम बरतना चाहिए.

विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रस्ताव संवैधानिक दृष्टि से जटिल प्रक्रिया होगी, क्योंकि इसके लिए संसद और कॉमनवेल्थ देशों दोनों की सहमति आवश्यक है. हालांकि, सरकार पर बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच आने वाले समय में इस दिशा में औपचारिक कदम उठाए जा सकते हैं.

Source: News Agencies

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