उत्तर गोवा में पर्यटक स्थलों पर पटाखों पर बैन, क्लब और होटलों में सुरक्षा बढ़ाई गई

By: The Trek News Desk

उत्तर गोवा में हाल ही में एक नाइटक्लब में लगी भीषण आग के बाद 25 लोगों की जान चली जाने के बाद, जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. प्रशासन ने सभी पर्यटक स्थलों पर पटाखे, स्पार्कलर्स, और आतिशबाजी के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह कदम आग की घटना को लेकर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है.

10 दिसंबर, 2025 को जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उत्तर गोवा के सभी नाइटक्लब्स, बार, रेस्टोरेंट्स, होटलों, गेस्टहाउस, रिसॉर्ट्स, बीच शैक्स, अस्थायी संरचनाओं, इवेंट वेन्यू और मनोरंजन स्थलों में आतिशबाजी, स्पार्कलर्स, पिरोटेक्निक प्रभाव, फ्लेम थ्रोअर जैसी आग या धुंआ उत्पन्न करने वाली सामग्री के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है. यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के धारा 163 के तहत जारी किया गया है.

इस आदेश में कहा गया है कि अब किसी भी प्रकार के पटाखों, स्पार्कलर्स, आतिशबाजी, धुंआ उत्पन्न करने वाली मशीनों या जलाने वाले उपकरणों का प्रयोग नाइटक्लब्स, होटलों और पर्यटक स्थल पर कड़ा वर्जित होगा. प्रशासन के अनुसार यह कदम 6 दिसंबर की रात आर्पोरा के ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में लगी आग की घटना के बाद उठाया गया है. प्रारंभिक जांच में यह पता चला था कि नाइटक्लब में “इलेक्ट्रिक पटाखों” के कारण आग लगी थी, जिससे यह भयावह घटना घटी और 25 लोगों की जान चली गई.

उत्तर गोवा में पर्यटक स्थलों पर बढ़ते आतिशबाजी और पिरोटेक्निक शो के कारण सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई थीं. प्रशासन ने यह आदेश सुरक्षा कारणों से जारी किया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को टाला जा सके. अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस आदेश का पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

इस आदेश से उत्तर गोवा के पर्यटन उद्योग में महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पर्यटकों की सुरक्षा सबसे पहले हो. साथ ही, प्रशासन ने यह भी कहा कि वे आगामी समय में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा उपायों को और कड़ा करेंगे, ताकि किसी भी प्रकार के हादसे से बचा जा सके.

Source: News Agencies

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