उत्तर कोरिया ने समुद्र में दागीं संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइलें, दक्षिण कोरिया और जापान सतर्क

By: The Trek News Desk

उत्तर कोरिया ने एक बार फिर समुद्र की ओर संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. दक्षिण कोरिया और जापान के अधिकारियों ने इस प्रक्षेपण की पुष्टि की है. माना जा रहा है कि यह कदम देश में होने वाली एक अहम राजनीतिक कांग्रेस से पहले हथियार परीक्षण के तौर पर उठाया गया है.

मंगलवार को हुए ये प्रक्षेपण इस महीने दूसरी बार हुए हैं. इससे पहले 4 जनवरी को भी मिसाइलें दागी गई थीं, उसी दिन जब दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यांग चीन की आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुए थे.

जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय और रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उत्तर कोरिया ने जापान सागर की दिशा में दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. जापान के तटरक्षक बल ने रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि दोनों मिसाइलें समुद्र में गिर गईं.

दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने भी बताया कि उसने उत्तर कोरिया के पूर्वी तट से कम से कम एक अज्ञात प्रक्षेप्य के दागे जाने का पता लगाया है.

यह मिसाइल प्रक्षेपण ऐसे समय में हुआ है, जब एक दिन पहले ही अमेरिका के रक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और रक्षा नीति के अवर सचिव एल्ब्रिज कोल्बी सियोल दौरे पर पहुंचे थे. इससे कुछ हफ्ते पहले उत्तर कोरिया ने दावा किया था कि उसने हाइपरसोनिक मिसाइलों का परीक्षण किया है, जिन्होंने लगभग 1,000 किलोमीटर दूर अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक भेदा.

जनवरी की शुरुआत में हुए परीक्षणों का निरीक्षण स्वयं उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने किया था. सरकारी मीडिया के अनुसार, उन्होंने कहा था कि ये परीक्षण देश की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करने की ज़रूरत को दर्शाते हैं.

हाल के दिनों में प्योंगयांग ने दक्षिण कोरिया पर जनवरी और सितंबर में सीमा पार निगरानी ड्रोन उड़ाने का आरोप लगाते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी. हालांकि सियोल ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि वह जांच कर रहा है कि कहीं ये ड्रोन किसी नागरिक समूह द्वारा तो नहीं उड़ाए गए थे.

विश्लेषकों का मानना है कि ड्रोन को लेकर लगाए गए आरोप सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की प्रस्तावित कांग्रेस से पहले दक्षिण कोरिया विरोधी माहौल बनाने की रणनीति का हिस्सा हैं. यह कांग्रेस अगले कुछ हफ्तों में शुरू होने की उम्मीद है.

इसी महीने किम जोंग उन की प्रभावशाली बहन किम यो जोंग ने दक्षिण कोरिया के उन दावों को खारिज कर दिया था, जिनमें कहा गया था कि ड्रोन विवाद के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत की गुंजाइश बनी हुई है. उत्तर कोरियाई मीडिया के अनुसार, उन्होंने कहा था कि संबंध सुधार को लेकर सियोल की उम्मीदें कभी पूरी नहीं होंगी.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पांच वर्षों में पहली बार होने जा रही पार्टी कांग्रेस से पहले किम जोंग उन ने मिसाइल उत्पादन के “विस्तार” और आधुनिकीकरण के आदेश दिए हैं, ताकि हथियार विकास में हुई प्रगति को दिखाया जा सके.

गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के तहत उत्तर कोरिया पर किसी भी रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण या प्रक्षेपण पर प्रतिबंध है. इसके बावजूद, बीते वर्षों में प्योंगयांग ने मिसाइल परीक्षणों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी की है.

Source: News Agencies

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