By: The Trek News Desk
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने शुक्रवार रात को एक भव्य सैन्य परेड का आयोजन किया, जिसमें उनके देश की सबसे शक्तिशाली परमाणु-युक्त मिसाइलों का प्रदर्शन किया गया. इस परेड में एक नया अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) भी शामिल था, जिसे किम जोंग उन आगामी हफ्तों में परीक्षण करने की योजना बना सकते हैं.
इस परेड का आयोजन कार्यकर्ता पार्टी की स्थापना की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में किया गया था, और इसने किम के बढ़ते कूटनीतिक प्रभाव और अपने दुश्मनों, विशेष रूप से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के खिलाफ अपनी सैन्य शक्ति को मज़बूत करने की उनकी निरंतर कोशिशों को प्रदर्शित किया.
किम जोंग उन का सैन्य प्रदर्शन
उत्तर कोरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी, कोरियाई सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी (KCNA) ने रिपोर्ट किया कि इस परेड में एक नया अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल “ह्वासोंग-20” प्रदर्शित किया गया. एजेंसी ने इसे “सबसे शक्तिशाली परमाणु रणनीतिक हथियार प्रणाली” के रूप में वर्णित किया. इस मिसाइल के परीक्षण की अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके प्रदर्शन से यह संकेत मिलता है कि किम जोंग उन आने वाले सप्ताहों में इसका परीक्षण कर सकते हैं.
इसके अलावा, इस परेड में छोटे दूरी के बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और सुपरसोनिक मिसाइल भी प्रदर्शित किए गए. उत्तर कोरिया ने पहले इन मिसाइलों को दक्षिण कोरिया में परमाणु हमले करने की क्षमता रखने वाला बताया था. यह हथियार उत्तर कोरिया के सैन्य विस्तार और दक्षिण कोरिया के खिलाफ उसकी आक्रामकता को दर्शाते हैं.

किम जोंग उन का भाषण
इस सैन्य परेड के दौरान किम जोंग उन ने एक भाषण दिया जिसमें उन्होंने अपनी सेना को “अजेय शक्ति” में बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि किसी भी तरह के खतरे को समाप्त किया जा सके. हालांकि, किम ने अपने भाषण में सीधे तौर पर अमेरिका या दक्षिण कोरिया का नाम नहीं लिया, लेकिन यह स्पष्ट था कि उनका इशारा इन देशों की ओर था, जो उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ लगातार दबाव बना रहे हैं.
किम के भाषण का मुख्य उद्देश्य यह था कि उनकी सेना को और भी मजबूत किया जाए, ताकि कोई भी बाहरी खतरा उनकी संप्रभुता को चुनौती न दे सके. इसके साथ ही, यह भी दिखाया गया कि उत्तर कोरिया अब अपने परमाणु हथियारों को और अधिक विकसित कर रहा है, ताकि वह अपने प्रतिद्वंद्वियों, विशेष रूप से अमेरिका, से एक मजबूत सैन्य प्रतिक्रिया का सामना कर सके.
वैश्विक प्रतिक्रियाएँ
इस परेड और किम जोंग उन के भाषण ने विश्व समुदाय में कई सवाल उठाए हैं, खासकर अमेरिका और दक्षिण कोरिया में. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह चिंता जताई जा रही है कि उत्तर कोरिया अपने हथियारों का परीक्षण और विकास तेज़ कर सकता है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. दक्षिण कोरिया और जापान, जो पहले से ही उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल परीक्षणों से चिंतित हैं, इस प्रदर्शन को और बढ़ी हुई सैन्य क्षमता के रूप में देख रहे हैं.
उत्तर कोरिया का यह सैन्य प्रदर्शन न केवल उसकी बढ़ती सैन्य ताकत को दर्शाता है, बल्कि यह किम जोंग उन के नेतृत्व में देश के नए परमाणु हथियारों को प्रदर्शित करने का एक कदम भी है. यह स्पष्ट है कि उत्तर कोरिया आने वाले दिनों में अपने मिसाइल कार्यक्रम को और तेज़ कर सकता है, और इससे पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी नई चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं. इस सैन्य परेड से किम जोंग उन की नेतृत्व क्षमता का भी पता चलता है, जो अब वैश्विक कूटनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अपनी सैन्य शक्ति को और बढ़ाने की ओर अग्रसर हैं.
Source: News Agencies
