By: The Trek News Desk
कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को अपने पूर्वी तट की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी है. यह घटना उस समय हुई है जब अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हगसेथ की दक्षिण कोरिया यात्रा को केवल कुछ ही दिन हुए हैं. दोनों देशों के बीच वार्षिक सुरक्षा वार्ता के बाद यह मिसाइल प्रक्षेपण क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं को और गहरा करता है.
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने पुष्टि की है कि यह छोटी दूरी की मिसाइल (Short-Range Missile) लगभग 700 किलोमीटर (435 मील) तक उड़ी और पूर्वी सागर (East Sea), जिसे जापान सागर के नाम से भी जाना जाता है, में जा गिरी.
जापान ने भी पुष्टि की, EEZ के बाहर गिरी मिसाइल
जापान सरकार ने भी इस घटना की पुष्टि की है. टोक्यो ने कहा कि मिसाइल संभवतः जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone) के बाहर गिरी है, इसलिए किसी प्रत्यक्ष क्षति की सूचना नहीं है. हालांकि, जापान ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया है और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है.
हालिया गतिविधियों से बढ़ा तनाव
यह मिसाइल प्रक्षेपण उस समय हुआ है जब कुछ दिन पहले ही दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया पर अपनी पश्चिमी सीमाओं की ओर 10 तोप के गोले दागने का आरोप लगाया था. इसके अलावा, लगभग एक हफ्ते पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सियोल को न्यूक्लियर-संचालित पनडुब्बी (Nuclear-powered Submarine) बनाने की अनुमति दी थी.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से दक्षिण कोरिया की रक्षा और नौसेना क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी. सियोल अब अमेरिका से संपन्न यूरेनियम (Enriched Uranium) प्राप्त करना चाहता है ताकि उसे इस पनडुब्बी में ईंधन के रूप में उपयोग किया जा सके. दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति कार्यालय के एक अधिकारी के अनुसार, यह पनडुब्बी घरेलू स्तर पर निर्मित की जाएगी.

बातचीत की कोशिशें और किम की शर्तें
इस साल की शुरुआत में सत्ता संभालने के बाद से ही राष्ट्रपति ट्रंप और उनके दक्षिण कोरियाई नेता ली जे म्युंग ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से संवाद फिर से शुरू करने की कोशिश की है.
लेकिन किम जोंग उन ने अब तक किसी भी वार्ता के संकेत नहीं दिए हैं. 2019 में अमेरिका के साथ हुई वार्ता विफल होने के बाद से प्योंगयांग ने वाशिंगटन और सियोल दोनों से दूरी बनाए रखी है.
सितंबर में किम ने कहा था कि वे बातचीत के लिए तभी तैयार होंगे जब अमेरिका यह मांग छोड़ देगा कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को समाप्त करे. किम बार-बार यह दावा कर चुके हैं कि उत्तर कोरिया अब एक “अपरिवर्तनीय परमाणु राष्ट्र” है.
रूस और चीन के साथ बढ़ता सैन्य सहयोग
पिछले महीने, किम जोंग उन ने प्योंगयांग में एक भव्य सैन्य परेड में हिस्सा लिया था जिसमें रूस और चीन के उच्च-स्तरीय अधिकारी भी मौजूद थे. इस परेड में उत्तर कोरिया ने अपनी नवीनतम अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) और अन्य उन्नत हथियारों का प्रदर्शन किया.
इस सप्ताह, उत्तर कोरियाई और रूसी सैन्य अधिकारियों ने प्योंगयांग में बैठक की, जिसमें रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की गई. उत्तर कोरिया की आधिकारिक एजेंसी KCNA के अनुसार, यह बैठक उत्तर कोरिया के जनरल पॉलिटिकल ब्यूरो के उप-निदेशक पाक योंग इल और रूस के उप रक्षा मंत्री विक्टर गोरेम्यक़िन के बीच हुई. दोनों देशों ने कहा कि वे अपने नेताओं किम जोंग उन और व्लादिमीर पुतिन के बीच तय किए गए “गहरे द्विपक्षीय संबंधों” को और बढ़ावा देंगे.

रूस को सैनिक भेजने की आशंका
दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय खुफिया सेवा (NIS) ने इस सप्ताह रिपोर्ट जारी की कि उत्तर कोरिया में नए भर्ती और सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, जो संभवतः रूस को भेजे जाने वाले अतिरिक्त सैनिकों की तैयारी का संकेत हो सकते हैं.
सियोल के अनुमान के अनुसार, अब तक उत्तर कोरिया ने लगभग 15,000 सैनिक रूस भेजे हैं ताकि वे यूक्रेन युद्ध में उसकी मदद कर सकें. इनमें से कई सैनिक युद्ध के मैदान में मारे जा चुके हैं.
इसके अलावा, NIS ने यह भी दावा किया कि सितंबर से अब तक 5,000 सैन्य निर्माण कर्मियों को भी रूस भेजा गया है, जहाँ वे बुनियादी ढांचा पुनर्निर्माण परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं.
क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ी नजरें
उत्तर कोरिया के इन लगातार सैन्य कदमों ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भू-राजनीतिक अस्थिरता को और बढ़ा दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल परीक्षण सिर्फ एक सामरिक चेतावनी नहीं बल्कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया की बढ़ती सैन्य साझेदारी के प्रति राजनीतिक प्रतिक्रिया भी है.
अब दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि वाशिंगटन, सियोल और टोक्यो इस नई चुनौती का सामना कैसे करते हैं, और क्या प्योंगयांग को फिर से संवाद की मेज पर लाया जा सकता है या नहीं.
Source: News Agencies
