By: The Trek News Desk
ईरान में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच कम से कम 544 लोगों की मौत होने का दावा किया गया है. यह जानकारी अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी ने दी है. एजेंसी के अनुसार, बीते दो हफ्तों में 10,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 48 सुरक्षा बलों के सदस्य और 496 प्रदर्शनकारी बताए जा रहे हैं.
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत का प्रस्ताव दिया है, यह बयान ऐसे समय आया है जब उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर की जा रही कार्रवाई को लेकर ईरान को सैन्य हस्तक्षेप की चेतावनी दी थी.
रविवार रात एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि वे अमेरिका के दबाव से थक चुके हैं. ईरान बातचीत चाहता है.” उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत के लिए बैठक तय करने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन हालात को देखते हुए अमेरिका को पहले कार्रवाई करनी पड़ सकती है.
ट्रंप की यह टिप्पणी ईरानी प्रशासन द्वारा विरोध प्रदर्शनों पर सख्त कार्रवाई और बढ़ती मौतों की ख़बरों के बीच आई है. हालांकि, ईरान की ओर से बातचीत के प्रस्ताव को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. इसके उलट, तेहरान ने हफ्ते सप्ताह चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका ने सैन्य हस्तक्षेप किया तो अमेरिकी सेना और इसराइल वैध लक्ष्य होंगे.
ईरान की धमकियों पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा, “अगर उन्होंने ऐसा किया, तो हम उन्हें ऐसे स्तर पर जवाब देंगे, जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा होगा.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिकी सेना इस स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और कड़े विकल्पों पर विचार किया जा रहा है.
विश्लेषकों का मानना है कि कैरेबियन क्षेत्र में अमेरिकी सेना की भारी तैनाती भी एक अहम कारक है, जिस पर वॉशिंगटन को किसी भी संभावित कार्रवाई से पहले विचार करना होगा.
ईरान में ये विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर को शुरू हुए थे, जब ईरानी मुद्रा रियाल के भारी पतन ने जनता में असंतोष भड़का दिया. वर्तमान में रियाल की कीमत 1.4 मिलियन प्रति डॉलर से भी अधिक बताई जा रही है. अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और परमाणु कार्यक्रम को लेकर दबाव के कारण अर्थव्यवस्था और कमज़ोर हुई है. बाद में ये प्रदर्शन सरकार और धार्मिक शासन व्यवस्था के खिलाफ खुली चुनौती में बदल गए.
इंटरनेट सेवाएं बंद होने और फोन लाइनों के काटे जाने के कारण ईरान के भीतर की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि करना मुश्किल हो गया है. ईरानी सरकार ने अब तक कुल हताहतों के आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं. विदेशों में मौजूद ईरानी समुदाय और मानवाधिकार संगठनों को आशंका है कि सूचना पर रोक से सुरक्षा बलों को और कठोर कार्रवाई का अवसर मिल रहा है.
ईरानी संसद में तीखे तेवर
इस बीच, ईरानी संसद में कट्टरपंथी रुख और तेज़ हो गया. संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर क़ालिबाफ ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान पर हमला हुआ तो अमेरिकी सैन्य ठिकाने, अड्डे और जहाज़ निशाने पर होंगे. उनके बयान के दौरान संसद में सांसदों ने “अमेरिका मुर्दाबाद” के नारे लगाए.
हालांकि, यह साफ नहीं है कि ईरान वास्तव में किसी सैन्य टकराव की ओर बढ़ेगा या नहीं, खासकर तब जब इसराइल के साथ जून में हुए संघर्ष के दौरान उसकी वायु रक्षा प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचा था. किसी भी बड़े निर्णय की अंतिम जिम्मेदारी ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई पर ही होगी.
Source: News Agencies
