ईरान में प्रदर्शनों पर ट्रंप की चेतावनी ‘ख़तरनाक और ग़ैर-ज़िम्मेदार’: ईरानी विदेश मंत्री

By: The Trek News Desk

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी की कड़ी आलोचना की है, जिसमें उन्होंने ईरान में चल रहे प्रदर्शनों को लेकर हस्तक्षेप की बात कही थी. अराघची ने इसे “लापरवाह और ख़तरनाक” करार देते हुए कहा कि ईरान अपने आंतरिक मामलों में किसी भी तरह के बाहरी दखल को स्वीकार नहीं करेगा.

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक की गई पोस्ट में ईरानी नेतृत्व को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या की गई तो अमेरिका “हस्तक्षेप के लिए तैयार” है. उन्होंने यह भी लिखा कि अमेरिका “पूरी तरह तैयार है”, हालांकि उन्होंने किसी ठोस कार्रवाई का विवरण नहीं दिया.

इसके जवाब में ईरानी विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी करते हुए कहा कि जब खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका के भीतर नेशनल गार्ड की तैनाती की है, तो उन्हें यह समझना चाहिए कि सार्वजनिक संपत्ति पर हमलों को किसी भी देश में बर्दाश्त नहीं किया जाता. उन्होंने दोहराया कि ईरान अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा और किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को सख्ती से खारिज करता है.

वहीं, ईरान के एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि सुरक्षा बल “दुश्मनों” को हालिया अशांति को अराजकता में बदलने की अनुमति नहीं देंगे. देश के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की ख़बरें सामने आई हैं.

मीडिया रिपोर्टों और मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, बीते एक हफ्ते से जारी प्रदर्शनों के दौरान कम से कम आठ लोगों की मौत हुई है. दक्षिण-पश्चिमी शहर लॉरदेगन में दो लोगों की जान जाने की सूचना है, जबकि पश्चिमी ईरान के अज़ना और कूहदश्त में भी मौतें दर्ज की गई हैं. इसके अलावा मध्य ईरान के फुलादशहर और दक्षिण के मार्वदश्त में भी हताहतों की खबर है. हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.

प्रदर्शन सबसे पहले तेहरान में दुकानदारों के बीच शुरू हुए, जो ईरानी मुद्रा के अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तेज़ी से गिरने से नाराज़ थे. बाद में विश्वविद्यालयों के छात्र भी इसमें शामिल हो गए और यह आंदोलन कई शहरों तक फैल गया. कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने देश के धार्मिक नेतृत्व के खिलाफ नारेबाज़ी भी की.

ये प्रदर्शन 2022 में महसा अमीनी की हिरासत में मौत के बाद हुए आंदोलन के बाद सबसे व्यापक माने जा रहे हैं, हालांकि उनका स्तर उतना बड़ा नहीं है. राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने कहा है कि सरकार प्रदर्शनकारियों की “वैध मांगों” को सुनने के लिए तैयार है, लेकिन ईरान के अभियोजक जनरल मोहम्मद मोवाहेदी-अज़ाद ने चेतावनी दी है कि देश में अस्थिरता फैलाने की किसी भी कोशिश का “निर्णायक जवाब” दिया जाएगा.

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर-सईद इरावानी ने ट्रंप के बयानों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका की धमकियों से पैदा होने वाले किसी भी परिणाम की पूरी जिम्मेदारी वाशिंगटन की होगी.

Source: News Agencies

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