इसराइल ने रेड क्रॉस से मिले शव की पहचान थाई नागरिक के रूप में की

By: The Trek News Desk

इसराइल ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस के माध्यम से प्राप्त एक शव की पहचान 43 वर्षीय थाई कृषि मज़दूर सु‍थिसाक रिंटालाक के रूप में की है. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में इसकी पुष्टि की गई.

रिंटालाक उन दो मृत बंधकों में शामिल थे जिनके शव अब तक ग़ज़ा में मौजूद थे. अंतिम शेष बंधक, 24 वर्षीय इज़राइली पुलिस अधिकारी रान ग्विली का शव अभी भी ग़ज़ा में है.

आईडीएफ ने परिवार को दी सूचना

इसराइल रक्षा बल (IDF) ने कहा कि उन्होंने रिंटालाक के परिवार को इसकी जानकारी दे दी है और गहरी संवेदना व्यक्त की है. सेना ने यह भी कहा कि वे ग्विली के शव को वापस लाने के प्रयास जारी रखेंगे और हमास से इसकी वापसी के लिए “आवश्यक कदम” उठाने का आग्रह किया है.

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इसराइल थाई दूतावास के साथ समन्वय कर रहा है ताकि रिंटालाक के अवशेष जल्द से जल्द थाईलैंड भेजे जा सकें.

शव की बरामदगी कैसे हुई

फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद (PIJ) के सैन्य विंग ने दावा किया था कि उसे उत्तरी गाज़ा में एक बंधक का शव मिला है, जिसके बाद वह शव रेड क्रॉस के हवाले किया गया. इससे कुछ घंटे पहले, इसराइल ने कहा था कि मंगलवार को हमास से मिले एक अन्य शव के नमूनों में यह पुष्टि नहीं हो सकी कि वह किसी मृत बंधक का है.

सीज़फायर समझौते के तहत अदला-बदली

अमेरिका-प्रायोजित युद्धविराम के पहले चरण के तहत, जो 10 अक्टूबर से लागू हुआ, हमास ने 72 घंटों के भीतर

  • 20 जीवित इसराइली बंधकों, और
  • 28 इसराइली व विदेशी मृत बंधकों को लौटाने पर सहमति जताई थी.

13 अक्टूबर को सभी जीवित बंधकों की रिहाई के बदले इसराइल ने

  • 250 फिलिस्तीनी कैदियों और
  • ग़ज़ा के 1,718 बंदियों को छोड़ा.

अब तक 23 इसराइली मृत बंधकों के शव तथा चार विदेशी नागरिकों, जिनमें दो थाई, एक नेपाली और एक तंज़ानियाई के शव इसराइल को सौंपे जा चुके हैं. बदले में इसराइल 345 फिलिस्तीनियों के शव वापस कर चुका है.

विवाद और देरी

इसराइल का आरोप है कि हमास जानबूझकर शवों की बरामदगी में देरी कर रहा है. वहीं हमास का कहना है कि लगातार हमलों, मलबे और क्षतिग्रस्त क्षेत्रों के कारण शवों को ढूंढना मुश्किल है.

इस धीमी प्रगति की वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग़ज़ा शांति योजना के दूसरे चरण, जिसमें ग़ज़ा का प्रशासनिक ढांचा, इसराइली सेना की वापसी, हमास का निरस्त्रीकरण और पुनर्निर्माण शामिल है, उस पर आगे बढ़ना संभव नहीं हो पाया है.

हमले और युद्ध का परिप्रेक्ष्य

रिंटालाक और ग्विली दोनों उन 251 लोगों में थे जिन्हें 7 अक्टूबर 2023 को हमास और उसके सहयोगियों ने अपहरण कर ग़ज़ा ले जाया था. उसी दिन हमलों में लगभग 1,200 लोग मारे गए थे.

जवाबी कार्रवाई में इसराइल ने ग़ज़ा में व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया, जिसमें अब तक 70,100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जैसा कि ग़ज़ा के हमास-नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है.

Source: News Agencies

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