By: The Trek News Desk
इसराइली सेना ने बुधवार को दावा किया कि हमास द्वारा सौंपे गए चार शवों में से एक शव किसी भी ज्ञात बंधक के विवरण से मेल नहीं खाता है. यह बयान उस घटना के एक दिन बाद आया जब ग़ज़ा में रेड क्रॉस के माध्यम से चार ताबूत इसराइल को सौंपे गए थे, जिनमें कथित रूप से हमास द्वारा मारे गए इसराइली बंधकों के शव होने की बात कही गई थी.
इसराइली रक्षा बलों (IDF) ने पुष्टि की कि शवों की फॉरेंसिक जांच नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक मेडिसिन में की गई, जिसके बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि एक शव उन बंधकों से संबंधित नहीं है जिन्हें अक्टूबर 2023 में शुरू हुए ग़ज़ा युद्ध के दौरान हमास ने पकड़ा था.
‘शव लौटाने की संधि’ पर सवाल
मंगलवार को शवों की यह अदला-बदली उस समय हुई जब इसराइल ने चेतावनी दी थी कि अगर हमास अपने यूएस-ब्रोकरड युद्धविराम समझौते के तहत शवों को लौटाने के वादे को पूरा नहीं करता, तो ग़ज़ा को दी जा रही मानवीय सहायता में कटौती की जाएगी. शवों की वापसी इस चेतावनी के बाद तेज़ी से हुई.
चार शवों में से तीन की पहचान कर ली गई है, जो स्टाफ सार्जेंट तामिर निमरोदी, उरिएल बारूच, और एतान लेवी के हैं. जबकि चौथे शव के बारे में संदेह है कि वह किसी फिलीस्तीनी नागरिक का हो सकता है, न कि बंधक का.
सीमा पर हुआ था शवों का हस्तांतरण
ग़ज़ा पट्टी के उत्तरी क्षेत्र में रेड क्रॉस की निगरानी में चारों ताबूत सौंपे गए. इन्हें इसराइली सुरक्षा बलों की निगरानी में रात करीब 12 बजे इसराइल की सीमा में लाया गया और तुरंत फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए भेजा गया.
IDF ने हमास से मांग की है कि वह बाकी मृत बंधकों के शवों को भी “जल्द और सही तरीके से” लौटाए, जैसा कि अमेरिका की मध्यस्थता में हुए शांति समझौते में तय किया गया था.

ट्रंप की मध्यस्थता और अधूरी डील
हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तुत 20-बिंदुओं वाली शांति योजना के तहत सोमवार को अंतिम 20 जीवित इसराइली बंधकों के बदले लगभग 2,000 फिलीस्तीनी कैदियों को रिहा किया गया. ट्रंप ने इस मौके को “नए मिडिल ईस्ट की ऐतिहासिक सुबह” करार दिया.
हालांकि जीवित बंधकों की अदला-बदली पूरी हो चुकी है, लेकिन 28 मृत बंधकों की वापसी अब भी समझौते का अधूरा हिस्सा बनी हुई है. अब तक कुल आठ शव वापस लौटाए जा चुके हैं, जबकि 19 को मृत मान लिया गया है और एक बंधक अब भी लापता है.
इस घटना ने उस संवेदनशील प्रक्रिया को और भी जटिल बना दिया है जिसके तहत दो साल से अधिक चले संघर्ष को विराम देने का प्रयास किया जा रहा है. हमास की ओर से गलत या अपूर्ण जानकारी देने का इसराइल ने गंभीर संज्ञान लिया है. यह देखना बाकी है कि आगे की कूटनीतिक बातचीत किस दिशा में जाती है.
Source: News Agencies
