By: The Trek News Desk
सीरियाई सेना ने दावा किया है कि उसने अलेप्पो शहर के शेख मकसूद इलाके को पूरी तरह खाली करा लिया है, जो अब तक कुर्द बलों के नियंत्रण में था. सेना का कहना है कि अस्थायी युद्धविराम विफल होने के बाद ज़मीनी अभियान चलाकर इस इलाके को अपने कब्ज़े में लिया गया. हालांकि, कुर्द बलों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि वे अब भी इलाके में मौजूद हैं और संघर्ष जारी है.
शनिवार को जारी बयान में सीरियाई सेना ने कहा कि शेख मकसूद ज़िले में तलाशी अभियान पूरा कर लिया गया है, हालांकि कुछ कुर्द लड़ाके अब भी छिपे हो सकते हैं. इसके विपरीत, कुर्द बलों ने लिखित बयान में कहा कि सरकार इलाके पर नियंत्रण स्थापित करने में नाकाम रही है और उनके लड़ाके अब भी प्रतिरोध कर रहे हैं. शहर में मौजूद पत्रकारों के अनुसार, शनिवार सुबह किसी बड़े टकराव की आवाज़ें नहीं सुनी गईं.
अलेप्पो में बढ़ती हिंसा ने सीरिया के सबसे गहरे राजनीतिक और सैन्य विभाजनों में से एक को और उजागर कर दिया है. राष्ट्रपति अहमद अल-शरा देश को एक नेतृत्व के तहत एकजुट करने का वादा कर चुके हैं, लेकिन उनकी इस्लामिक पृष्ठभूमि वाली सरकार को लेकर कुर्द समुदाय में गहरी आशंकाएं बनी हुई हैं. 14 साल लंबे गृहयुद्ध के बाद यह मुद्दा अब भी सुलझा नहीं है.
इस हफ्ते की शुरुआत में अमेरिका और अन्य वैश्विक शक्तियों ने अलेप्पो में संघर्ष रोकने के लिए हुए युद्धविराम का स्वागत किया था, लेकिन समझौते के तहत कुर्द बलों के शेख मकसूद से हटने से इनकार करने के बाद हालात फिर बिगड़ गए. इसके बाद सीरियाई सेना ने शुक्रवार रात ज़मीनी अभियान शुरू करने की घोषणा की थी.
अगर शेख मकसूद पर सीरियाई सेना का नियंत्रण स्थापित होता है, तो यह 2011 में युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार होगा जब अलेप्पो में कुर्द बलों का कोई इलाका शेष नहीं रहेगा. हालांकि, कुर्द बल अब भी देश के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में बड़े क्षेत्रों पर काबिज़ हैं, जहां वे एक अर्ध-स्वायत्त प्रशासन चलाते हैं.
कुर्द नेतृत्व अब तक नई सीरियाई सरकार में शामिल होने से हिचकता रहा है. दिसंबर 2024 में पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता से हटाने वाले पूर्व विद्रोही गुटों से बनी सरकार के साथ एकीकरण वार्ता ठप पड़ी हुई है. इसी बीच मंगलवार को अलेप्पो में संघर्ष भड़क उठा, जिसमें कम से कम नौ नागरिकों की मौत हुई और 1.4 लाख से अधिक लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा.
इस घटनाक्रम के बीच, अमेरिका के विशेष दूत टॉम बैरक ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि उन्होंने अम्मान में जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान अल-सफादी से मुलाकात की है. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य युद्धविराम को मज़बूत करना और कुर्द बलों की “शांतिपूर्ण वापसी” सुनिश्चित करना है.
अलेप्पो की स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण बनी हुई है और शेख मकसूद को लेकर दोनों पक्षों के विरोधाभासी दावे ज़मीनी हालात को और जटिल बना रहे हैं.
Source: News Agencies
