By: The Trek News Desk
अमेरिका में सरकारी ठप (शटडाउन) अब अपने 39वें दिन में प्रवेश कर चुका है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था से लेकर आम नागरिकों के जीवन तक असर दिख रहा है. इसी बीच, डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सांसदों ने वीकेंड पर दुर्लभ सत्र आयोजित कर इस संकट का हल निकालने की कोशिश की, लेकिन शनिवार को पूरे दिन की चर्चाओं के बावजूद कोई समझौता नहीं हो सका.
रविवार को सीनेट एक और विशेष सत्र में दोबारा बैठने वाली है, ताकि किसी समझौते की संभावना को तलाशा जा सके.
सबसे लंबा सरकारी शटडाउन, असर बढ़ता जा रहा है
शटडाउन की वजह से लाखों संघीय कर्मचारी वेतन से वंचित हैं, हवाई यात्राएं प्रभावित हो रही हैं और खाद्य सहायता योजनाएं ठप पड़ी हैं. 1 अक्टूबर से शुरू हुआ यह विवाद अब अमेरिका के इतिहास का सबसे लंबा शटडाउन बन गया है.
शनिवार की कार्यवाही उस वक्त और कठिन हो गई जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर संकेत दिया कि वह फिलहाल डेमोक्रेट्स के किसी भी प्रस्ताव पर झुकने को तैयार नहीं हैं.
डेमोक्रेट्स चाहते हैं कि सरकार दोबारा खुलने से पहले “अफोर्डेबल केयर एक्ट” (ओबामाकेयर) के तहत दी जाने वाली स्वास्थ्य बीमा सब्सिडी को एक साल के लिए बढ़ाया जाए.
ट्रंप ने Truth Social पर लिखा, “सैकड़ों अरब डॉलर जो बीमा कंपनियों को दिए जा रहे हैं, उन्हें सीधे अमेरिकी जनता को भेजा जाना चाहिए ताकि वे खुद बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं खरीद सकें और कुछ धन बचा भी सकें.”
हालांकि उन्होंने इस प्रस्ताव के कोई ठोस विवरण साझा नहीं किए.
स्वास्थ्य सब्सिडी विवाद ने रोका रास्ता
वर्तमान में करीब 2.4 करोड़ अमेरिकी नागरिक इन सब्सिडी के ज़रिए बीमा प्राप्त करते हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कांग्रेस इन सब्सिडी को समाप्त होने देती है, तो अगले वर्ष स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम दोगुने से भी अधिक हो सकते हैं.
डेमोक्रेट्स का कहना है कि सरकार तभी दोबारा खुलेगी जब रिपब्लिकन इस विस्तार पर बातचीत के लिए तैयार होंगे. दूसरी ओर, रिपब्लिकन का रुख है कि पहले सरकार खोली जाए, फिर वार्ता हो.
“नया रास्ता खोजने” की अपील
न्यू हैम्पशायर की डेमोक्रेट सीनेटर जीन शाहीन, जो मध्यमार्गी सांसदों के बीच बातचीत का नेतृत्व कर रही हैं, उन्होंने कहा कि पार्टी को “एक नया रास्ता तलाशना होगा” क्योंकि रिपब्लिकनों ने सीनेट डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर का प्रस्ताव ठुकरा दिया है.
यह प्रस्ताव सरकार को पुनः चालू करने और स्वास्थ्य सब्सिडी को एक वर्ष बढ़ाने से जुड़ा था.
अब शाहीन और कुछ रिपब्लिकन सांसद एक आंशिक वित्तपोषण योजना पर चर्चा कर रहे हैं, जिसके तहत खाद्य सहायता, वेटरन कार्यक्रमों और विधायी शाखा के खर्चों को अस्थायी रूप से मंज़ूरी दी जाएगी, जबकि बाकी विभागों को दिसंबर या जनवरी तक के लिए फंडिंग दी जाएगी.
हालांकि यह समझौता सिर्फ एक भविष्य के स्वास्थ्य वोट के वादे के साथ आएगा, न कि किसी गारंटी के साथ.
सवाल अब भी कई हैं
कई डेमोक्रेट इस अस्थायी समाधान से असंतुष्ट हैं, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप अब भी स्वास्थ्य लाभों के विस्तार का समर्थन नहीं करते.
हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने भी इस सप्ताह कहा कि वह स्वास्थ्य वोट की कोई प्रतिबद्धता नहीं देंगे.
सीनेट में रिपब्लिकन के पास 53 सीटें हैं, लेकिन सरकार खोलने के लिए कम से कम 60 वोटों की ज़रूरत है, जो दोनों दलों के सहयोग से ही संभव है.

फिलिबस्टर हटाने की ट्रंप की मांग खारिज
ट्रंप ने रिपब्लिकन सांसदों से अपील की कि वे फिलिबस्टर नियम को खत्म करें, जिससे सिर्फ बहुमत के आधार पर विधेयक पारित किया जा सके.
लेकिन पार्टी नेतृत्व ने इसे खारिज करते हुए कहा कि भविष्य में सत्ता परिवर्तन होने पर यह रिपब्लिकनों के खिलाफ जा सकता है.
सीनेट रिपब्लिकन नेता जॉन थ्यून अब एक दलीय सहयोग से तैयार पैकेज पर सोच विचार कर रहे हैं, जो मध्यमार्गी डेमोक्रेट्स के प्रस्ताव से मिलता-जुलता है.
यदि थ्यून आगे बढ़ते हैं, तो अगले कुछ दिनों में एक टेस्ट वोट हो सकता है.
कठिन चुनाव के मुहाने पर डेमोक्रेट्स
डेमोक्रेट्स के सामने अब दो रास्ते हैं, पहला, तो वे स्वास्थ्य सब्सिडी पर ठोस समझौते के लिए संघर्ष जारी रखें और शटडाउन को और लंबा करें. दूसरा यह कि सरकार को दोबारा खोलने के लिए अस्थायी समझौते को स्वीकार करें, इस भरोसे पर कि भविष्य में स्वास्थ्य सब्सिडी पर वोट जरूर होगा.
सीनेट में शूमर ने कहा, “कुछ न करना गैरज़िम्मेदारी होगी. लोग दिवालिया होंगे, बीमा खो देंगे, और बीमार पड़ेंगे. अगर यह कांग्रेस कुछ नहीं करती, तो नतीजे बहुत गंभीर होंगे.”
अमेरिका में शटडाउन का यह संकट केवल राजनीतिक टकराव नहीं, बल्कि आम नागरिकों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर गहराई से असर डाल रहा है. अब निगाहें रविवार के सीनेट सत्र पर टिकी हैं, क्या यह गतिरोध टूटेगा, या देश एक और अनिश्चित सप्ताह में प्रवेश करेगा?
Source: News Agencies
