By: The Trek News Desk
वेनेजुएला और अमेरिका के बीच वर्षों से चले आ रहे तनाव के बाद अब दोनों देशों के संबंधों में नरमी के संकेत दिखाई दे रहे हैं. वेनेजुएला ने पुष्टि की है कि उसने अमेरिका के साथ कूटनीतिक संबंधों को फिर से स्थापित करने के लिए प्रारंभिक बातचीत शुरू कर दी है. यह कदम उस समय उठाया गया है, जब कुछ दिन पहले अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लिया गया था.
वेनेजुएला सरकार के अनुसार, अमेरिकी राजनयिकों और सुरक्षा अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल हाल ही में काराकस पहुंचा. अमेरिकी विदेश विभाग ने बयान जारी कर कहा कि यह दौरा राजधानी में अमेरिकी दूतावास को दोबारा खोलने की संभावनाओं का प्रारंभिक आकलन करने के लिए किया गया है.
अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की सरकार ने कहा है कि अमेरिका के साथ एक “खोजी कूटनीतिक प्रक्रिया” शुरू करने का फैसला लिया गया है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों में फिर से राजनयिक मिशनों की स्थापना करना है. वेनेजुएला ने यह भी संकेत दिया है कि वह जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल वॉशिंगटन भेज सकता है, हालांकि इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है. माना जा रहा है कि इस तरह की यात्रा के लिए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग को कुछ प्रतिबंधों में छूट देनी पड़ सकती है.
ट्रंप प्रशासन से संवाद पर जोर
शुक्रवार को डेल्सी रोड्रिगेज ने बताया कि उन्होंने ब्राज़ील, कोलंबिया और स्पेन के नेताओं से फोन पर बातचीत की है. उन्होंने हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को वेनेजुएला के खिलाफ “गंभीर, अवैध और आपराधिक आक्रमण” बताया. हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ कूटनीति के ज़रिए बातचीत करना ही देश के हित में है.
काराकस में एक महिला स्वास्थ्य केंद्र के उद्घाटन के दौरान रोड्रिगेज ने कहा कि शांति, स्थिरता और संप्रभुता की रक्षा के लिए अमेरिका से सीधे बातचीत जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि कूटनीति के माध्यम से पूर्व राष्ट्रपति मादुरो और प्रथम महिला की वापसी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा.
इससे पहले, नेशनल असेंबली प्रमुख और रोड्रिगेज के भाई जॉर्ज रोड्रिगेज ने घोषणा की थी कि सरकार “शांति के संकेत” के तौर पर राजनीतिक कैदियों को रिहा करना शुरू करेगी.

तेल निवेश को लेकर ट्रंप का दबाव
अमेरिका की कार्रवाई के पीछे आधिकारिक तौर पर मादुरो पर ड्रग तस्करी से जुड़े आरोप बताए गए हैं, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप कई बार यह संकेत दे चुके हैं कि वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार भी हस्तक्षेप का एक बड़ा कारण रहे हैं.
व्हाइट हाउस में हुई एक बैठक के दौरान ट्रंप ने अमेरिकी तेल कंपनियों से वेनेजुएला में निवेश बढ़ाने की अपील की. उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनियों को कम से कम 100 अरब डॉलर का निवेश करना चाहिए ताकि देश के तेल उत्पादन को बढ़ाया जा सके.
हालांकि, एक्सॉनमोबिल के सीईओ डैरेन वुड्स ने कहा कि मौजूदा कानूनी और आर्थिक परिस्थितियों में वेनेजुएला में निवेश करना फिलहाल संभव नहीं है. बैठक के बाद ट्रंप ने दावा किया कि तेल कंपनियों के साथ एक तरह की सहमति बन गई है और इससे दोनों देशों को फायदा होगा, हालांकि उन्होंने कोई ठोस विवरण नहीं दिया.
वेनेजुएला में विरोध प्रदर्शन जारी
3 जनवरी को अमेरिकी बलों ने वेनेजुएला में हवाई हमले कर निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया था. काराकस का दावा है कि इस अभियान में करीब 100 लोगों की मौत हुई. मादुरो और उनकी पत्नी को न्यूयॉर्क ले जाया गया है, जहां उन पर ड्रग तस्करी समेत कई आरोपों में मुकदमा चल रहा है.
इस बीच, राजधानी काराकस में विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. शुक्रवार को एक बार फिर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और मादुरो की रिहाई की मांग की. वेनेजुएला में हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं, लेकिन अमेरिका के साथ शुरू हुई बातचीत को एक संभावित कूटनीतिक मोड़ के तौर पर देखा जा रहा है.
Source: News Agencies
