अमेज़न ने दूसरी बड़ी छंटनी में वैश्विक स्तर पर 16,000 लोगों को नौकरियों से निकाला जाएगा

By: The Trek News Desk

ई-कॉमर्स और टेक दिग्गज़ अमेज़न ने बुधवार को घोषणा की कि वह दुनियाभर में 16,000 कर्मचारियों की छंटनी कर रही है. यह बीते तीन महीनों में कंपनी की दूसरी बड़ी छंटनी है, जिसका उद्देश्य कोविड-19 महामारी के दौरान हुई अत्यधिक भर्तियों को संतुलित करना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के अनुरूप संगठन का पुनर्गठन करना है.

सूत्रों के अनुसार, यह छंटनी अमेज़न की उस व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसके तहत करीब 30,000 कॉर्पोरेट पदों में कटौती की जा रही है. इस दौर में अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS), रिटेल, प्राइम वीडियो और ह्यूमन रिसोर्सेज जैसे विभागों पर सबसे ज़्यादा असर पड़ने की संभावना है.

इससे पहले अक्टूबर के अंत में कंपनी ने लगभग 14,000 व्हाइट-कॉलर नौकरियों में कटौती की थी. उस समय सीईओ एंडी जैसी ने कहा था कि अमेज़न को अनावश्यक नौकरशाही कम करने, प्रबंधन के स्तर घटाने और कामकाज को अधिक चुस्त बनाने की ज़रूरत है.

अमेज़न की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (पीपल एक्सपीरियंस एंड टेक्नोलॉजी) बेथ गैलेटी ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कंपनी बार-बार बड़े पैमाने पर छंटनी करने की किसी नई परंपरा की ओर नहीं बढ़ रही है. उन्होंने साफ किया कि यह फैसला दीर्घकालिक रणनीति के तहत लिया गया है, न कि नियमित कटौती की शुरुआत.

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दिखाता है कि कैसे AI कॉर्पोरेट वर्कफोर्स की संरचना को बदल रहा है. उन्नत AI टूल्स अब प्रशासनिक कार्यों से लेकर जटिल कोडिंग तक में तेज़ी और सटीकता ला रहे हैं, जिससे कई भूमिकाओं में मानव श्रम की ज़रूरत कम हो रही है.

एंडी जैसी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि AI के बढ़ते उपयोग से कई कार्य स्वचालित होंगे और इसका असर कॉर्पोरेट नौकरियों पर पड़ेगा. हाल ही में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में भी कई उद्योग प्रमुखों ने कहा कि AI के चलते कुछ नौकरियां खत्म होंगी, हालांकि नई भूमिकाएं भी सामने आएंगी.

कुल 30,000 पदों में कटौती अमेज़न के लगभग 15.8 लाख कर्मचारियों की कुल संख्या का छोटा हिस्सा है, लेकिन यह उसके कॉर्पोरेट वर्कफोर्स का करीब 10 प्रतिशत बनता है. कंपनी के अधिकांश कर्मचारी वेयरहाउस और फुलफिलमेंट सेंटर्स में कार्यरत हैं.

गौरतलब है कि अमेज़न सहित मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कई बड़ी टेक कंपनियों ने महामारी के दौरान तेज़ी से भर्ती की थी और अब वे अपने स्टाफ ढांचे में बदलाव कर रही हैं. इसके साथ ही अमेज़न अपने वेयरहाउस में रोबोटिक्स पर भी बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है, ताकि डिलीवरी और पैकेजिंग को तेज़ किया जा सके और लागत कम हो.

कंपनी अगले हफ्ते अपने तिमाही नतीजे जारी करने वाली है, जिस पर निवेशकों और बाज़ार की खास नज़र बनी हुई है.

Source: News Agencies

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