By: The Trek News Desk
रिमोट वर्क करने वाले कर्मचारियों के लिए अब एक नई चुनौती सामने आने वाली है. Microsoft Teams जल्द ही एक ऐसा लोकेशन-ट्रैकिंग फीचर शुरू करने जा रहा है, जो यह बता सकेगा कि कोई कर्मचारी ऑफिस से काम कर रहा है या घर से. यह अपडेट दिसंबर 2025 से Microsoft 365 के तहत जारी किया जाएगा, और इसे लेकर विशेषज्ञों और कर्मचारियों दोनों के बीच गोपनीयता (privacy) और निगरानी (surveillance) को लेकर चिंता बढ़ गई है.
कैसे करेगा Teams आपकी लोकेशन ट्रैक
Microsoft के अनुसार, जब कोई कर्मचारी अपने संगठन के Wi-Fi नेटवर्क से जुड़ता है, तो Teams अपने-आप उसके वर्क लोकेशन को अपडेट कर देगा, यानी यह दिखाएगा कि व्यक्ति किस बिल्डिंग या दफ्तर से काम कर रहा है.
कंपनी ने बताया कि यह फीचर डिफ़ॉल्ट रूप से बंद (off) रहेगा, और इसे चालू करने का फैसला आईटी एडमिनिस्ट्रेटर (tenant admin) करेंगे. साथ ही, कर्मचारियों को इसमें स्वेच्छा से (opt-in) अनुमति देनी होगी. यह सुविधा Windows और macOS दोनों प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध होगी.
Microsoft का तर्क – भ्रम दूर करना, आलोचकों की नजर में निगरानी का औज़ार
Microsoft का कहना है कि इस फीचर का मकसद सिर्फ यह स्पष्ट करना है कि कौन कहाँ से काम कर रहा है, ताकि टीम कोऑर्डिनेशन में आसानी हो. लेकिन आलोचकों का मानना है कि यह कदम कर्मचारियों की निजी स्वतंत्रता पर एक और डिजिटल नज़र रखने जैसा है.
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के फीचर से कर्मचारियों की गोपनीयता पर असर पड़ सकता है और कंपनियों को अपने कर्मचारियों की गतिविधियों पर अधिक नियंत्रण मिल सकता है.

कर्मचारियों में असंतोष, रिमोट वर्क पर सवाल
कई कर्मचारियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी नाराज़गी जाहिर की है. उनका कहना है कि यह फीचर उन लोगों के लिए “डिजिटल पट्टा” (digital leash) जैसा है, जिन्होंने महामारी के बाद से वर्क-फ्रॉम-होम संस्कृति को अपनाया है.
हालाँकि, Microsoft का कहना है कि यह फीचर किसी को ट्रैक करने के लिए नहीं, बल्कि पारदर्शिता (transparency) बढ़ाने के लिए है, ताकि टीमें जान सकें कि कौन कर्मचारी ऑफिस में है और कौन रिमोट से जुड़ रहा है.
टेक जगत में बढ़ रही निगरानी की बहस
यह कदम उस समय सामने आया है जब दुनियाभर में बड़ी टेक कंपनियाँ हाइब्रिड वर्क मॉडल को लेकर नीतियाँ सख़्त कर रही हैं. Google, Apple और Meta जैसी कंपनियाँ पहले ही ऑफिस उपस्थिति की ट्रैकिंग और बैज स्कैनिंग जैसे उपाय लागू कर चुकी हैं. Microsoft का यह नया फीचर अब इस बहस को और तेज़ करेगा कि कार्य कुशलता (productivity) के नाम पर निजता (privacy) की कितनी कुर्बानी दी जा सकती है.
Source: News Agencies
