अफ्रीकी देश बेनिन में सैन्य विद्रोह, सेना ने बताया राष्ट्रपति तालॉन सुरक्षित

By: The Trek News Desk

पश्चिम अफ्रीकी देश बेनिन में हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए हैं, जहां कुछ सैनिकों ने राष्ट्रीय टेलीविज़न पर घोषणा की है कि उन्होंने राष्ट्रपति पैट्रिस तालॉन की सरकार को हटाकर सत्ता अपने हाथ में ले ली है.

फ्रांसीसी दूतावास ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कोटोनू स्थित राष्ट्रपति आवास के पास गोलीबारी की आवाज़ें सुनी गईं, जिसके बाद विदेशी नागरिकों को घरों में रहने की सलाह दी गई है.

विद्रोही सैनिकों की घोषणा

टेलीविज़न पर आए सैनिकों ने कहा कि-

  • देश का संविधान निलंबित किया जा रहा है
  • जमीनी सीमाएं और हवाई क्षेत्र तुरंत बंद किए जा रहे हैं
  • और एक सैन्य संक्रमण परिषद का गठन किया जा रहा है, जिसकी अगुवाई लेफ्टिनेंट-कर्नल तिग्री पास्कल करेंगे

विद्रोही समूह का आरोप है कि राष्ट्रपति तालॉन देश के प्रशासन को सही दिशा में नहीं ले जा रहे थे.

सरकार ने किया विद्रोह को नाकाम बताने का दावा

सरकार की ओर से स्थिति को नियंत्रण में होने का दावा किया गया है. विदेश मंत्री शेगुन अजादी बकारी ने मीडिया से कहा कि नियमित सेना का अधिकतर हिस्सा सरकार के साथ है और “स्थिति पर तेज़ी से काबू पाया जा रहा है”.

राष्ट्रपति कार्यालय में मौजूद एक अधिकारी ने मीडिया को बताया कि विद्रोह करने वाले सैनिकों का समूह बहुत छोटा है और “केवल टीवी स्टेशन पर कब्जा किया गया है. शहर और देश पूरी तरह सुरक्षित हैं.”

राजनीतिक पृष्ठभूमि

67 वर्षीय तालॉन, जिन्हें “कॉटन किंग” के नाम से भी जाना जाता है, 2016 में सत्ता में आए थे. वे 2026 में अपना दूसरा कार्यकाल पूरा करके पद छोड़ने वाले हैं और पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि वे तीसरा कार्यकाल नहीं चाहेंगे. आने वाले अप्रैल 2026 के चुनावों के लिए उत्तराधिकारी का नाम भी सामने आ चुका है.

अस्थिरता की लहर

बेनिन लंबे समय से क्षेत्र की स्थिर लोकतंत्रों में गिना जाता है, हालांकि हाल के वर्षों में यहां घुसपैठ बढ़ी है, जिसमें आईएस और अल-कायदा से जुड़े गुट दक्षिण की ओर फैलते दिखे हैं.

यह संभावित तख्तापलट ऐसे समय हुआ है जब एक हफ्ते पहले ही पड़ोसी गिनी-बिसाऊ के राष्ट्रपति को बेदखल किया गया था.
पिछले कुछ वर्षों में नाइजर, माली, गिनी और बुर्किना फासो सहित कई देशों में सैन्य विद्रोह देखने को मिले हैं, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं.

Source: News Agencies

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