By: The Trek News Desk
केंद्र सरकार ने विपक्षी दल कांग्रेस पर नए ग्रामीण रोजगार कानून VB-G RAM G को लेकर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा इस योजना के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाकर जनता को गुमराह किया जा रहा है.
सोमवार (19 जनवरी 2026) को दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि वे VB-G RAM G योजना को लेकर “झूठे दावे” कर रहे हैं. मंत्री ने साफ किया कि यह कहना पूरी तरह गलत है कि इस योजना के तहत रोजगार केवल कुछ चुनिंदा पंचायतों में ही मिलेगा.
गौरतलब है कि कांग्रेस ने 10 जनवरी से ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के नाम से 45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया है. पार्टी इस अभियान के ज़रिए यूपीए सरकार के समय लागू महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को हटाने के फैसले का विरोध कर रही है और VB-G RAM G अधिनियम को वापस लेने की मांग कर रही है.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस का यह दावा भी गलत है कि सरकार ग्रामीणों से काम का अधिकार छीन रही है. उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत 100 दिनों के बजाय अब 125 दिनों तक रोज़गार उपलब्ध कराया जाएगा. इसके अलावा, यदि 15 दिनों के भीतर काम नहीं मिलता है तो बेरोज़गारी भत्ता देने का भी प्रावधान किया गया है.
मंत्री ने कहा, “कांग्रेस ने केवल कागज़ों पर अधिकार दिया था, जबकि हमने ज़मीनी स्तर पर उसे मज़बूत किया है.” उन्होंने यह भी दावा किया कि मौजूदा सरकार ने मनरेगा के तहत करीब 9 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जबकि यूपीए सरकार के कार्यकाल में यह खर्च लगभग 2 लाख करोड़ रुपये था.
उन्होंने दोहराया कि VB-G RAM G योजना देश की सभी पंचायतों में लागू की जाएगी और इससे राज्यों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा. केंद्र सरकार पहले से अधिक संसाधन उपलब्ध करा रही है, जबकि राज्यों का निवेश गांवों के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने में उपयोग होगा.
शिवराज सिंह चौहान ने यह भी बताया कि VB-G RAM G अधिनियम को अगले छह महीनों में लागू किया जाएगा. तब तक मौजूदा मनरेगा योजना पहले की तरह जारी रहेगी.
सरकार का कहना है कि VB-G RAM G का उद्देश्य गांवों के समग्र विकास को गति देना और ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है, जबकि कांग्रेस इस बदलाव को ग्रामीण अधिकारों के खिलाफ बता रही है.
Source: News Agencies
