By: The Trek News Desk
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो (NATO) सहयोगियों पर तीख़ा हमला बोलते हुए एक बार फिर अपनी नाराज़गी को खुलकर ज़ाहिर किया है. यह बयान उन्होंने नाटो महासचिव मार्क रूटे के साथ व्हाइट हाउस में हुई बंद कमरे की बैठक के बाद दिया.
बैठक के बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि जब अमेरिका को ज़रूरत थी, तब नाटो साथ नहीं आया और भविष्य में भी उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता. इसके साथ ही उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर भी विवादित टिप्पणी की, जिससे एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज़ हो गई है.
सूत्रों के अनुसार, ट्रंप और रुटे के बीच बातचीत काफी स्पष्ट और सीधे मुद्दों पर केंद्रित रही. हालांकि, नाटो से अमेरिका के संभावित बाहर निकलने को लेकर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया. रुटे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि चर्चा “खुली और ईमानदार” रही, लेकिन उन्होंने इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया कि क्या अमेरिका गठबंधन छोड़ सकता है.
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप नाटो देशों से इसलिए नाराज़ हैं क्योंकि उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई में साथ नहीं दिया. हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का अस्थायी युद्धविराम हुआ है, लेकिन इस दौरान सहयोगियों की भूमिका को लेकर ट्रंप असंतुष्ट दिखे.
ट्रंप ने नाटो को “कमज़ोर संगठन” बताते हुए आरोप लगाया कि उसने महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को सुरक्षित बनाने में कोई नेतृत्व नहीं दिखाया. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कई देशों ने अमेरिकी सेना को अपने ठिकानों का उपयोग करने में सीमाएं लगाईं.
ट्रंप ने व्यक्तिगत स्तर पर भी कुछ नेताओं की आलोचना की. उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की तुलना विंन्सटन चर्चिल से करते हुए उन्हें कमज़ोर बताया और ब्रिटेन के एयरक्राफ्ट कैरियर्स का मज़ाक उड़ाया.
Source: News Agencies
