By: The Trek News Desk
मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच वैश्विक तेल कीमतों में तेज़ उछाल देखा गया है. सोमवार को ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी कच्चा तेल भी 100 डॉलर से ऊपर ट्रेड कर रहा है. यह उछाल तेल की सप्लाई और क्षेत्रीय संघर्ष को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं को दर्शाता है.
तेल की कीमतों में तेज़ी का असर एशियाई शेयर बाज़ारों पर भी पड़ा. जापान का निक्केई इंडेक्स लगभग 4.5% गिर गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4% कमज़ोर हुआ. निवेशकों में तेल की बढ़ती कीमतों और मिडिल ईस्ट में अनिश्चितता को लेकर चिंता गहराती जा रही है.

विशेषज्ञों का कहना है कि यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा इसराइल पर हमले और ईरान की सख्त चेतावनी ने ऊर्जा आपूर्ति को खतरे में डाल दिया है. होर्मुज़ और बाब-अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण जलमार्गों पर तनाव के कारण वैश्विक तेल सप्लाई बाधित होने का डर है, जिससे तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं.
अमेरिका ने ईरान के तेल ढांचे पर नियंत्रण के संकेत दिए हैं और क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिक तैनात किए हैं. अगर हालात नहीं सुधरे, तो महंगे तेल और ऊर्जा की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है, और आम लोगों की जेब पर इसका असर सीधे दिख सकता है.
Source: News Agencies
