By: The Trek News Desk
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देते हुए ईरान के प्रमुख तेल टर्मिनल खार्ग द्वीप पर कब्ज़ा करने की संभावना जताई है. इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है.
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास कई विकल्प मौजूद हैं, जिनमें खार्ग द्वीप पर नियंत्रण हासिल करना भी शामिल है. उन्होंने कहा कि यह फैसला परिस्थितियों पर निर्भर करेगा, लेकिन अगर ऐसा होता है तो अमेरिकी सेना को वहां कुछ समय तक तैनात रहना पड़ सकता है. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की इस द्वीप पर रक्षा व्यवस्था कमज़ोर है और अमेरिका इसे आसानी से अपने कब्ज़े में ले सकता है.
इससे पहले अमेरिका ने खार्ग द्वीप पर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले भी किए थे. वहीं, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सैनिक उसकी ज़मीन पर उतरते हैं तो वह खाड़ी के अरब देशों में ज़मीनी हमला कर सकता है और नए हमले शुरू कर सकता है.
ट्रंप ने यह भी बताया कि ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर क़ालिबाफ ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से तेल टैंकरों के गुज़रने की अनुमति दी है. उनके मुताबिक, पहले 10 पाकिस्तानी झंडे वाले टैंकरों को अनुमति दी गई थी और अब 20 टैंकरों को गुज़रने की मंज़ूरी मिल चुकी है, जो फिलहाल मार्ग से गुज़र भी रहे हैं.

ट्रंप ने क़ालिबाफ को इस फैसले का मुख्य व्यक्ति बताया और कहा कि यह कदम अमेरिका के लिए एक तरह का “तोहफा” है, जिससे दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत को गति मिली है. उन्होंने दावा किया कि इस घटनाक्रम के बाद वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है.
वहीं, क़ालिबाफ ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख बनाए रखा है. वह लगातार अमेरिका की आलोचना कर रहे हैं और चेतावनी भरे संदेश दे रहे हैं. हालांकि, ईरान के कई वरिष्ठ नेताओं की मौत के बाद देश की राजनीति में उनकी भूमिका और प्रभाव बढ़ता हुआ नज़र आ रहा है.
मौजूदा हालात में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता यह तनाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बना हुआ है और आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है.
Source: News Agencies
