By: The Trek News Desk
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर तस्वीर अब धीरे-धीरे साफ हो रही है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार (5 फरवरी 2026) को कहा कि यह समझौता एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) का पहला चरण है और दोनों देशों के बीच संयुक्त बयान अगले 4 से 5 दिनों में जारी किया जा सकता है.
मंत्री गोयल ने स्पष्ट किया कि इस संयुक्त बयान के जारी होने के बाद अमेरिका की ओर से एक कार्यकारी आदेश (Executive Order) लाया जाएगा, जिसके तहत भारत से निर्यात होने वाले उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत किया जाएगा.
गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार (2 फरवरी 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से टेलीफोन पर बातचीत के बाद कहा था कि “मेड इन इंडिया” उत्पादों पर अमेरिका में अब 18% की कम दर से शुल्क लगेगा.
वर्तमान में अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों पर 25 प्रतिशत का पारस्परिक टैरिफ लागू है. इसके अलावा, रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क भी लगाया गया है, जिससे निर्यातकों को दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.

पीयूष गोयल ने बताया कि संयुक्त बयान के बाद इस समझौते को विस्तृत कानूनी रूप दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि पहले चरण का कानूनी समझौता मार्च के मध्य तक साइन किए जाने की उम्मीद है.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस समझौते में किसी प्रकार की निवेश प्रतिबद्धता शामिल नहीं है, बल्कि इसका फोकस व्यापार शुल्क और बाज़ार पहुंच पर है.
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी इस बात की पुष्टि की कि संयुक्त बयान को बाद में एक कानूनी करार में बदला जाएगा. उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि मार्च के मध्य तक इस कानूनी समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे.”
भारत-अमेरिका के बीच इस प्रस्तावित करार को दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलने और अमेरिकी बाज़ार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा मजबूत होने की संभावना है.
Source: News Agencies
