By: The Trek News Desk
दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने बुधवार को पूर्व प्रथम महिला किम केओन-ही को भ्रष्टाचार के एक मामले में 20 महीने की सज़ा सुनाई. यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अपदस्थ पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल के खिलाफ मार्शल लॉ लागू करने से जुड़े मामले में अदालत का फैसला आने वाला है.
सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने किम केओन-ही को यूनिफिकेशन चर्च से कथित तौर पर व्यापारिक लाभ दिलाने के बदले रिश्वत लेने का दोषी पाया. हालांकि, अदालत ने उन्हें शेयर कीमतों में हेरफेर और राजनीतिक फंडिंग कानून के उल्लंघन से जुड़े आरोपों से बरी कर दिया.
यह फैसला यून सुक-योल के खिलाफ चल रहे विद्रोह के मामले में आने वाले निर्णय से करीब तीन हफ्ते पहले आया है. गौरतलब है कि स्वतंत्र जांच एजेंसी ने इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति यून के लिए मृत्युदंड की मांग की थी.
अभियोजन पक्ष ने किम के खिलाफ 15 साल की जेल और लगभग 2.9 अरब वॉन (करीब 20 लाख डॉलर) के जुर्माने की मांग की थी. आरोप था कि उन्होंने यूनिफिकेशन चर्च से महंगे शनेल बैग और हीरे का हार राजनीतिक लाभ के बदले स्वीकार किया था. हालांकि अदालत ने माना कि स्टॉक हेरफेर और राजनीतिक चंदे से जुड़े मामलों में उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं.

किम केओन-ही ने सभी आरोपों से इनकार किया है. उनके वकील ने कहा कि अदालत के फैसले का अध्ययन करने के बाद अपील पर विचार किया जाएगा. वहीं अभियोजन पक्ष के पास भी इस फैसले को चुनौती देने का विकल्प खुला है.
यूनिफिकेशन चर्च की ओर से कहा गया है कि किम को दिए गए उपहार बिना किसी अपेक्षा के थे. चर्च की प्रमुख हान हक-जा, जिन पर भी मुकदमा चल रहा है, ने रिश्वत देने के आरोपों से इनकार किया है.
यह मामला पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल द्वारा 2024 में लगाए गए अल्पकालिक मार्शल लॉ और उससे जुड़े विवादों के बाद सामने आए कई कानूनी मामलों की कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है.
Source: News Agencies
